Toll Tax: राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन चालकों के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है।
Toll Tax News: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Minister Nitin Gadkari) ने वाहन चालकों के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। अब कारों और वाहनों को टोल प्लाजा (Toll Plaza) पर रुकने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि सैटेलाइट बेस्ड टोलिंग सिस्टम (Satellite Based Tolling System) के जरिए टोल की रकम सीधे काटी जाएगी। यह सुविधा कुछ टोल प्लाजा पर ट्रायल के तौर पर शुरू भी की जा चुकी है। पढ़िए पूरी खबर…
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इसके अलावा, सरकार ने नेशनल हाईवे (National Highway) पर रोजाना यात्रा करने वालों के लिए टोल चार्ज में छूट देने का भी प्लान बनाया है। यह छूट यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो नियमित रूप से लंबी दूरी तय करते हैं।
एक साल के लिए 3000 रुपये और 15 साल के लिए 30,000 रुपये
मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, नेशनल हाइवे पर टोल चार्ज (Toll Charge) के लिए जल्द ही एक नई पॉलिसी पेश की जाएगी, जिसके तहत उपयोगकर्ताओं को छूट दी जाएगी। मंत्रालय नेशनल हाइवे के लिए एनुअल और लाइफ टाइम टोल चार्ज पर काम कर रहा है। इसके तहत एक साल के लिए 3 हजार रुपये और 15 साल के लिए एकमुश्त 30 हजार रुपये का चार्ज प्रस्तावित किया गया है।
राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Minister Nitin Gadkari) ने कहा कि सैटेलाइट बेस्ड टोलिंग के बारे में और चर्चा करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें सुरक्षा, प्राइवेसी, ब्रीच रिस्क और ऑपरेशनल कंट्रोल जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। मंत्री गडकरी ने यह भी स्पष्ट किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को देखते हुए टोल चार्ज जरूरी है और यह नीति इस बात पर आधारित है कि अगर हमें बेहतर सड़कें चाहिए तो इसके लिए भुगतान करना होगा।
टोल प्लाजा के बीच 60 किमी की दूरी अनिवार्य
साल 2008 के नियमों के अनुसार, एक ही नेशनल हाइवे (National Highway) के हिस्सों और दिशाओं पर बने टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किमी की दूरी होनी चाहिए। मंत्री गडकरी ने कहा कि सत्र के बाद नई टोल पॉलिसी का ऐलान किया जाएगा, जो मौजूदा मुद्दों को सुलझाएगी और उपयोगकर्ताओं को उचित छूट प्रदान करेगी।
सैटेलाइट बेस्ड टोलिंग के लिए जरूरी तकनीकी विकास
सैटेलाइट बेस्ड टोलिंग (Satellite Based Tolling) के बारे में गडकरी ने कहा कि सटीक स्थान बताने के लिए NavIC (नेशनल एंटरप्राइज नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम) को और अधिक सैटेलाइट नेटवर्क और रिसीवर विकसित करने की जरूरत है।
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Toll कलेक्शन में वृद्धि
साल 2023-24 में कुल टोल कलेक्शन 64,809.86 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 35 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि को देखते हुए सरकार ने टोल प्रणाली को और भी प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं।
