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Delhi में दिव्यांगों की देखभाल करने वालों को मिलेंगे 6 हजार रुपये महीना, जानिए आवेदन कैसे करें?

दिल्ली राजनीति
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Delhi सरकार ने दिव्यांगजनो की आर्थिक सहायता के लिए एक नई वित्तीय सहायता योजना शुरू की है।

Delhi News: दिल्ली सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए एक नई वित्तीय सहायता योजना (New Financial Assistance Scheme) की अधिसूचना जारी कर दी है। इस योजना के तहत अब ऐसे दिव्यांगों को हर महीने 6 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक मदद दी जाएगी। यह राशि दिव्यांगों (Disabled People) को पहले से मिल रही मासिक पेंशन से अलग होगी। योजना का मुख्य उद्देश्य उन दिव्यांगों की देखभाल करने वाले केयरटेकर, हेल्पर या डॉक्टरों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिनका परिवार स्वयं उनकी देखभाल नहीं करता। योजना का लाभ पाने के लिए दिव्यांग का आधार कार्ड दिल्ली का होना जरूरी है और वे कम से कम पिछले पांच साल से राजधानी में रह रहे हों।

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कैबिनेट की बैठक में दी गई मंजूरी

अधिकारियों के अनुसार, इस योजना को पिछले महीने कैबिनेट की बैठक में मंजूरी प्रदान की गई थी। अधिसूचना जारी होने के बाद इसे एक अक्टूबर से प्रभावी कर दिया गया है। उपराज्यपाल की स्वीकृति से जारी इस अधिसूचना का मुख्य उद्देश्य उन दिव्यांगजनों को मासिक भत्ता उपलब्ध कराना है, जिन्हें देखभाल, इलाज और अन्य आवश्यक सहयोग की आवश्यकता होती है।

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2600 से अधिक दिव्यांगों को चिह्नित किया गया

पात्रता के लिए आवेदक के पास दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत स्थायी दिव्यांगता प्रमाणपत्र होना चाहिए, जिसमें दिव्यांगता का स्कोर 60 से 100 प्रतिशत के बीच हो। इसके अलावा, परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में न लगा हो। पात्रता निर्धारण के लिए एक आकलन बोर्ड का गठन किया जाएगा। शुरुआती चरण में सरकार ने 2,600 से अधिक दिव्यांगों को चिह्नित कर लिया है।

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आवेदन कैसे करें?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (E-District Portal) पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। दिल्ली में पांच वर्ष के निवास का प्रमाण प्रदान करना आवश्यक है, जैसे राशन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या बिजली/पानी का बिल। यदि ये दस्तावेज उपलब्ध न हों, तो किसी गजटेड अधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र जमा किया जा सकता है। जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रारंभिक जांच करेंगे और 10 दिनों के भीतर मामले को जिला मूल्यांकन बोर्ड को भेजेंगे। बोर्ड 90 दिनों में रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसका निर्णय अंतिम होगा। स्वीकृति मिलने पर 15 दिनों के अंदर भत्ता जारी कर दिया जाएगा।