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TCS News: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS ने अपनी डिप्लॉयमेंट पॉलिसी में बड़े बदलाव किए हैं

TCS News: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपनी डिप्लॉयमेंट पॉलिसी (Deployment Policy) में बड़े बदलाव किए हैं, जो कर्मचारियों पर सीधा असर डालेंगे। कंपनी ने वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) पॉलिसी को पूरी तरह खत्म कर दिया है और कर्मचारियों (Employees) को ऑफिस से काम करने का निर्देश दिया है। इन बदलावों का उद्देश्य कर्मचारियों को अपस्किलिंग से जोड़ना और कार्यकुशलता बढ़ाना है। पढ़िए पूरी खबर…

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HR पॉलिसी में प्रमुख बदलाव

वर्क फ्रॉम होम खत्म: TCS ने वर्क फ्रॉम होम की सुविधा पूरी तरह बंद कर दी है। अब कर्मचारियों को ऑफिस से काम करना अनिवार्य होगा। केवल आपातकालीन परिस्थितियों में रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप (RMG) की मंजूरी के बाद फ्लेक्सिबल वर्क विकल्प दिया जाएगा।

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225 दिन काम अनिवार्य: कर्मचारियों को एक साल में कम से कम 225 दिन काम करना होगा।

बेंच टाइम 35 दिन तय: कंपनी ने बेंच टाइम को अधिकतम 35 दिन तक सीमित कर दिया है। बेंच टाइम वह अवधि है जब कर्मचारी किसी प्रोजेक्ट पर काम नहीं कर रहे होते और भविष्य के प्रोजेक्ट का इंतजार करते हैं।

अपस्किलिंग पर जोर: जिन कर्मचारियों को किसी प्रोजेक्ट में नहीं रखा गया है, उन्हें रोजाना 4 से 6 घंटे अपस्किलिंग गतिविधियों में हिस्सा लेना होगा।

बेंच टाइम क्या है?

आईटी कंपनियों (IT Companies) में काम आमतौर पर प्रोजेक्ट आधारित होता है। TCS जैसे बड़े संगठन बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नियुक्त करते हैं, जिनमें से कुछ प्रोजेक्ट पर तैनात होते हैं, जबकि अन्य भविष्य के प्रोजेक्ट्स का इंतजार करते हैं। इस इंतजार की अवधि को बेंच टाइम कहा जाता है। नई पॉलिसी के तहत, यह अवधि 35 दिनों से अधिक नहीं होनी चाहिए।

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कर्मचारियों पर प्रभाव

नई पॉलिसी (New Policy) के तहत कर्मचारियों को ऑफिस में उपस्थिति और अपस्किलिंग पर अधिक ध्यान देना होगा। TCS का कहना है कि ये बदलाव कार्यकुशलता बढ़ाने और कर्मचारियों को नए कौशल से लैस करने के लिए जरूरी हैं। लेकिन, वर्क फ्रॉम होम खत्म होने से कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन पर असर पड़ सकता है।