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Supertech: SC ने सुपरटेक के फ्लैट खरीदारों को दिया झटका..अब आख़िरी विकल्प क्या है?

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Supertech News: इको विलेज 2 वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से हम सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से अपील करते हैं कि होमबायर्स (Homebuyers) की वर्षों से चली आ रही पीड़ा को समझे और उन्हें न्याय प्रदान करे। सुपरटेक लिमिटेड (Supertech Limited) की 16 अधूरी परियोजनाओं में फंसे बायर्स EMI, किराया, SARFAESI कार्रवाई, धारा 138 के मामले और खराब क्रेडिट स्कोर जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।
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अब होमबायर्स की एक ही मांग है – NBCC को ही प्रोजेक्ट पूरा करने दिया जाए, किसी अन्य निजी बिल्डर या सुपरटेक को नहीं।

NBCC के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं – निजी बिल्डर और सुपरटेक पर भरोसा नहीं

NCLAT ने पहले ही NBCC को सुपरटेक की 16 अधूरी परियोजनाओं को सौंपने का आदेश दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अस्थायी रोक लगा दी। अब अगली सुनवाई अप्रैल 2025 में होने वाली है, और होमबायर्स को उम्मीद है कि कोर्ट इस मामले की गंभीरता को समझेगा और NBCC को ही प्रोजेक्ट पूरा करने की अनुमति देगा।

होमबायर्स का कहना है कि:

बिल्डर पर कोई भरोसा नहीं बचा – सुपरटेक पहले ही कई बार बायर्स को धोखा दे चुका है।

निजी बिल्डर भी समाधान नहीं हैं – पहले भी कई निजी कंपनियों ने अधूरे प्रोजेक्ट्स को अपने हाथ में लिया और फिर अधूरे ही छोड़ दिए।

NBCC का ट्रैक रिकॉर्ड बेहतरीन है – यह एक सरकारी एजेंसी है और पहले भी कई रुके हुए प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी है।

होमबायर्स की प्रमुख समस्याएं:

EMI और किराए का दोहरा बोझ – आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है।

कानूनी परेशानियाँ – बायर्स को SARFAESI और धारा 138 के मामलों का सामना करना पड़ रहा है।

क्रेडिट स्कोर खराब हो रहा है – जिससे भविष्य में लोन मिलना मुश्किल होगा।

सुपरटेक और निजी बिल्डर पर भरोसा नहीं – पहले से ही कई बार ठगी का शिकार हो चुके हैं।

होमबायर्स की प्रमुख मांगें:

NBCC को सुप्रीम कोर्ट से प्रोजेक्ट पूरा करने की मंजूरी मिले।

जब तक घर नहीं मिलते, होमबायर्स को EMI में राहत दी जाए।

बिल्डर द्वारा लिए गए कर्ज का बोझ होमबायर्स पर डालना बंद हो।

सरकार और प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप कर खरीदारों को राहत दें।

नोएडा अथॉरिटी हस्तक्षेप कर लंबित रजिस्ट्रियों को जल्द पूरा करे।

बिल्डर की संपत्तियों की फॉरेंसिक ऑडिट हो और गलत तरीकों से फंड डायवर्ट करने की जांच हो।

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मीडिया से अपील – होमबायर्स की आवाज उठाएं

हम मीडिया और न्यूज़ एजेंसियों से अपील करते हैं कि वे इस गंभीर मुद्दे को उजागर करें और होमबायर्स की आवाज़ को जनता, सरकार और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने में मदद करें।

यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट का मामला नहीं है, बल्कि 16 अधूरे प्रोजेक्ट्स में फंसे हजारों परिवारों की जिंदगी का सवाल है।