Slum Free: यह देश का पहला शहर बन गया है, जहां झुग्गी-झोपड़ियों का अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो चुका है।
Slum Free: दिल्ली के पास स्थित यह शहर अब देश (Country) का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां एक भी झुग्गी-झोपड़ी (Slums) मौजूद नहीं है। वर्षों से जारी अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत प्रशासन ने हाल ही में एक कॉलोनी (Colony) में अंतिम कार्रवाई करते हुए करीब 4.5 एकड़ अवैध कब्जा हटाया। इसके साथ ही शहर को आधिकारिक रूप से स्लम फ्री (Slum Free) घोषित कर दिया गया। यह उपलब्धि न केवल शहर की तस्वीर बदलने वाली है, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में भी सामने आई है।

ये भी पढ़ेंः क्या ज्योतिष आपका भाग्य बदल सकता है?
आपको बता दें कि पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ (Chandigarh) अब देश का पहला स्लम फ्री शहर बन गया है। बता दें कि प्रशासन ने शाहपुर कॉलोनी में कार्रवाई करते हुए करीब 4.5 एकड़ जमीन से अवैध झुग्गियों को हटाया, जिसकी अनुमानित कीमत 250 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही चंडीगढ़ से झुग्गियों का पूरी तरह सफाया हो गया।
विशेष अभियान से खाली कराई गई जमीन
चंडीगढ़ संपदा विभाग ने इस वर्ष विशेष अभियान चलाकर लगातार कार्रवाई की। अब तक शहर की तीन अवैध कॉलोनियों को हटाया जा चुका था और शाहपुर कॉलोनी पर अंतिम बुलडोजर चला। कुल मिलाकर 300 से अधिक झुग्गियों को हटाया गया और प्रशासन के अनुसार, इस साल की कार्रवाई से करीब 4 हजार करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि फ्री कराई गई है।
ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25
कार्रवाई के साथ-साथ प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि झुग्गी में रहने वाले गरीब लोगों को बेघर न होना पड़े। पात्र निवासियों को सरकारी योजनाओं के तहत आवास उपलब्ध कराया गया। यही कारण है कि इस अभियान को केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की मिसाल माना जा रहा है।
15 साल में पूरा हुआ स्लम फ्री सपना
चंडीगढ़ (Chandigarh) को स्लम फ्री बनाने का सपना वर्ष 2010 में देखा गया था। इस लक्ष्य को पूरा करने में लगभग 15 साल का वक्त लग गया। इस दौरान चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने 17,696 छोटे फ्लैट बनाकर पात्र परिवारों को आवंटित किए। हालांकि, हाईकोर्ट में मामला लंबित रहने के चलते कुछ वर्षों तक यह अभियान रुका भी रहा।
नई झुग्गी न बसने की सख्त व्यवस्था
अब यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, डीसी निशांत यादव (Nishant Yadav) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। 12 अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें हर 15 दिन में शपथ पत्र देना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई नई झुग्गी या कब्जा नहीं हुआ है।
दो प्रधानमंत्रियों ने खुद बांटी थीं चाबियां
गौर करने वाली बात यह है कि इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली। 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने चंडीगढ़ में हजारों पात्र परिवारों को फ्लैटों की चाबियां सौंपी थीं। यह दर्शाता है कि यह अभियान केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा है।
ये भी पढ़ेंः Meta: फेसबुक, इंस्टाग्राम पर Ads के लिए मेटा कुछ गड़बड़ करने जा रहा है क्या?
चंडीगढ़ बना देश के लिए उदाहरण
चंडीगढ़ का स्लम फ्री बनना न केवल इस शहर के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया है। यह अभियान दिखाता है कि यदि नियोजित नीति, सामाजिक संवेदनशीलता और प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो, तो झुग्गियों को हटाकर भी पुनर्वास किया जा सकता है।
