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Delhi के रिहायशी इलाकों के प्राइवेट स्कूलों को मान्यता, रेखा गुप्ता सरकार के फैसले से मिलेंगे 5 बड़े फायदे

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Delhi सरकार ने नॉन-कंफर्मिंग एरिया में चल रहे गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को मान्यता देने का निर्णय लिया है।

Delhi News: दिल्ली सरकार ने नॉन-कंफर्मिंग एरिया (Residential Areas) में चल रहे गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों (Private Schools) को मान्यता देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से अब वे सभी प्राइवेट स्कूल, जो रिहायशी क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं और जिनके पास अब तक शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) की मान्यता नहीं थी, वह अब मान्यता के लिए आवेदन कर सकेंगे।

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30 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन

शिक्षा निदेशालय का ऑनलाइन पोर्टल शनिवार से शुरू होगा और स्कूल 30 नवंबर तक आवेदन कर सकेंगे। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इस कदम से करीब 500 स्कूल अब शिक्षा निदेशालय के दायरे में आ जाएंगे। साथ ही, इन स्कूलों में वैधता, नियामक निगरानी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

20 हजार नई सीटों की उम्मीद

मंत्री आशीष सूद (Minister Ashish Sood) ने कहा कि हर साल निदेशालय को ईडब्ल्यूएस, डीजी और सीडब्ल्यूएसएन श्रेणियों के तहत करीब दो लाख आवेदन प्राप्त होते हैं, जबकि केवल 40 हजार सीटें उपलब्ध होती हैं। मान्यता नीति लागू होने के बाद लगभग 20 हजार नई सीटें सृजित होंगी, जिससे अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सकेगी।

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पुरानी फाइलों में दबा था मुद्दा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह मुद्दा पिछले एक दशक से फाइलों में दबा हुआ था। उन्होंने कहा कि पिछला मान्यता अभियान 2013 में चलाया गया था, जिसमें सीमित स्कूलों को ही लाभ मिला था। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सिर्फ प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों और संस्थागत न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है।

बिना मान्यता के चल रहे थे कई स्कूल

मंत्री आशीष सूद (Minister Ashish Sood) ने यह भी कहा कि बीते दस वर्षों से कई स्कूल बिना मान्यता के नॉन-कंफर्मिंग एरिया में चल रहे थे। इसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), वंचित समूह (DG) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) अपने नजदीकी स्कूलों में पढ़ाई से वंचित रह गए थे। अब सरकार के इस कदम से उन्हें भी मान्यता प्राप्त शिक्षा संस्थानों में पढ़ने का अवसर मिलेगा।

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सरकार के फैसले से मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे

  • गैर अधिसूचित क्षेत्रों में चल रहे निजी स्कूलों को वैध मान्यता मिलेगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
  • ईडब्ल्यूएस, डीजी और सीडब्ल्यूएसएन वर्ग के छात्रों के लिए करीब 20 हजार नई सीटें उपलब्ध होंगी।
  • छात्रों को घर के पास ही स्कूलों में दाखिला मिल सकेगा, जिससे स्कूल आने-जाने की दूरी और समय दोनों कम होंगे।
  • मान्यता मिलने के बाद स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ेगी।
  • फिलहाल दिल्ली में 1700 से अधिक निजी स्कूल मान्यता प्राप्त हैं, नए स्कूल जुड़ने से शिक्षा का दायरा और व्यापक होगा।