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Rajasthan News: CM भजनलाल शर्मा का बड़ा बयान, विदेशी भाषा सीखकर युवा पा सकते हैं वैश्विक रोजगार

राजस्थान
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Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने “फॉरेन लैंग्वेज एंड कम्युनिकेशन स्किल्स” कार्यक्रम में युवाओं के भविष्य को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि स्किल और भाषा का ज्ञान भी जरूरी हो गया है। सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए नई योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर लगातार काम कर रही है।

विदेशी भाषा अब विकल्प नहीं, जरूरत

सीएम ने साफ कहा कि आज के ग्लोबल दौर में विदेशी भाषा सीखना अब विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्य हो गया है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर वे फ्रेंच, जर्मन, जापानी या स्पेनिश जैसी भाषाएं सीखते हैं तो उन्हें देश ही नहीं, विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।

रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

सरकार का मानना है कि विदेशी भाषा सीखने से युवाओं के लिए मल्टीनेशनल कंपनियों, पर्यटन, व्यापार और टेक्नोलॉजी सेक्टर में नए रास्ते खुलेंगे। खासतौर पर राजस्थान जैसे पर्यटन राज्य में भाषा का ज्ञान गाइड, होटल मैनेजमेंट और ट्रैवल इंडस्ट्री में नौकरी के अवसर बढ़ा सकता है।

MoU के जरिए बड़ा कदम

इस कार्यक्रम के दौरान सरकार ने इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी (EFLU) और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के साथ समझौता (MoU) किया। इसका उद्देश्य युवाओं को प्रोफेशनल तरीके से भाषा और कम्युनिकेशन स्किल्स की ट्रेनिंग देना है।

गांव के युवाओं को भी मिलेगा फायदा

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि गांव के युवाओं को भी उनके क्षेत्र में ही रोजगार मिले। इसके लिए स्किल डेवलपमेंट और भाषा प्रशिक्षण को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि हर वर्ग के युवा आगे बढ़ सकें।

शिक्षा और पारदर्शिता पर जोर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए बताया कि अब तक कई परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं।

स्किल ही सफलता की कुंजी

आज के समय में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि स्किल, भाषा और आत्मविश्वास भी सफलता के लिए जरूरी है। राजस्थान सरकार का यह कदम युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल माना जा सकता है। अगर युवा इस अवसर का सही उपयोग करें, तो वे न सिर्फ देश में बल्कि दुनिया भर में अपनी पहचान बना सकते हैं।