Rajasthan News: Bhajan Lal Sharma ने राजस्थान में जल संरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री ने टोंक जिले के Bisalpur Dam का दौरा कर जल संरक्षण अभियानों और पानी प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की।
राजस्थान जैसे जल संकट वाले राज्य में सरकार लगातार जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों को बचाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
“वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान” पर जोर
राज्य सरकार 25 मई से 5 जून तक “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” चलाने जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है। अभियान के दौरान गांवों और शहरों में तालाबों, बावड़ियों और जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष फोकस रहेगा।
सरकार का कहना है कि लोगों की भागीदारी के बिना जल संकट से निपटना संभव नहीं है। इसी वजह से सामाजिक संगठनों, युवाओं और ग्रामीण समुदायों को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।
बीसलपुर बांध राजस्थान के लिए क्यों अहम?
बीसलपुर बांध राजस्थान के प्रमुख जल स्रोतों में से एक है। यह जयपुर, अजमेर और टोंक समेत कई शहरों को पेयजल उपलब्ध कराता है। गर्मी के मौसम में जल स्तर बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने बांध की स्थिति का जायजा लेते हुए जल प्रबंधन को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पानी की बर्बादी रोकने और जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए तेजी से काम किया जाए।
राजस्थान में जल संरक्षण को मिल रही प्राथमिकता
राजस्थान सरकार लगातार जल संरक्षण परियोजनाओं पर काम कर रही है। हाल ही में राज्य में “जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0” के तहत हजारों जल संरक्षण कार्य पूरे किए गए हैं।
इसके अलावा सरकार पुराने तालाबों और बांधों के पुनर्निर्माण और मरम्मत पर भी फोकस कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य में करीब 200 बांधों और तालाबों के नवीनीकरण के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट दूर करने की तैयारी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ शहरों ही नहीं बल्कि गांवों तक पर्याप्त पानी पहुंचाना है। इसके लिए जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि आने वाले समय में जल संरक्षण ही राजस्थान के विकास और जल सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी साबित होगा।
