Rajasthan News: जयपुर। अभिनेत्री और सांसद Kangana Ranaut की नई फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ को लेकर राजस्थान में नई चर्चा शुरू हो गई है। फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग उठ रही है और इस मांग को खुद कंगना रनौत ने भी मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के सामने रखा है। अब सभी की नजर राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हुई है।
कंगना ने बताया फिल्म का उद्देश्य
कंगना रनौत का कहना है कि ‘भारत भाग्य विधाता’ उन लोगों को समर्पित है जो देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें वह पहचान नहीं मिल पाती जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा कि समाज के वास्तविक नायकों का सम्मान होना चाहिए और ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहन मिलना जरूरी है। इसी वजह से उन्होंने फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग रखी है।
राजस्थान में टैक्स फ्री करने की उठी मांग
फिल्म के समर्थन में कई संगठन भी सामने आए हैं। खबरों के अनुसार, इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने भी फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने की मांग का समर्थन किया है। समर्थकों का मानना है कि फिल्म समाज को सकारात्मक संदेश देती है और ऐसे विषयों पर बनी फिल्मों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए।
असली नायकों की कहानी पर आधारित है फिल्म
कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म उन लोगों की कहानी को सामने लाती है जो चुपचाप देश की सेवा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार समाज के इन वास्तविक नायकों को उचित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिलतीं, जो चिंता का विषय है। फिल्म का संदेश इसी सोच को बदलने का प्रयास करता है।
दिल्ली में मिल चुका है टैक्स फ्री दर्जा
फिल्म को लेकर एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली में इसकी विशेष स्क्रीनिंग के बाद मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इसे टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। इसके बाद राजस्थान में भी फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग और तेज हो गई है।
अब फैसले का इंतजार
फिलहाल राजस्थान में फिल्म को टैक्स फ्री करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि कंगना रनौत की अपील और विभिन्न संगठनों के समर्थन के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं। यदि फिल्म को टैक्स फ्री किया जाता है तो इससे दर्शकों तक इसकी पहुंच और अधिक बढ़ सकती है।
‘भारत भाग्य विधाता’ हाल ही में रिलीज हुई है और फिल्म के जरिए समाज के उन लोगों की कहानी दिखाने का प्रयास किया गया है जो अपने काम से देश के भविष्य को आकार देते हैं। ऐसे में फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा जारी है।
