Noida Airport

Noida Airport: सिर्फ़ 21 मिनट में पहुंचेंगे जेवर एयरपोर्ट, पढ़िए पूरा रूट मैप

दिल्ली NCR नोएडा
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Noida Airport: Uttar Pradesh सरकार ने दिल्ली को Noida International Airport से जोड़ने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की डीपीआर को मंजूरी दे दी है। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर लगभग 21 मिनट में पूरा हो सकेगा।

अब इस परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को अंतिम मंजूरी के लिए भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद यह NCR के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में बड़ा बदलाव ला सकता है।

नमो भारत ट्रेन की तर्ज पर चलेगी हाई-स्पीड रेल

प्रस्तावित दिल्ली-जेवर RRTS कॉरिडोर को Namo Bharat रैपिड रेल सिस्टम की तरह विकसित किया जाएगा। यह ट्रेनें 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम डिजाइन स्पीड और 160 किलोमीटर प्रति घंटे की ऑपरेशनल स्पीड से चल सकेंगी।

फिलहाल दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर देश की पहली चालू RRTS लाइन है, जो दिल्ली के सराय काले खां को उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम से जोड़ती है।

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन से भी जुड़ सकता है कॉरिडोर

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री Nand Gopal Gupta के मुताबिक, इस RRTS कॉरिडोर को प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल परियोजना से भी जोड़ने की योजना है।

एयरपोर्ट टर्मिनल पर एक समर्पित स्टेशन बनाया जाएगा, जिससे एयर ट्रैवल और हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

15 जून से शुरू हो सकती हैं उड़ानें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून से उड़ान संचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 28 मार्च को इस एयरपोर्ट परियोजना का उद्घाटन किया था।

सरकार को उम्मीद है कि यह एयरपोर्ट उत्तर भारत का बड़ा एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनेगा।

एक्सप्रेसवे और इंडस्ट्रियल हब से जुड़ेगा पूरा क्षेत्र

जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विकास होने की संभावना है। यह इलाका कई बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ रहा है, जिनमें:

  • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
  • बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
  • गंगा एक्सप्रेसवे
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
  • पूर्वांचल एक्सप्रेसवे

सरकार इस पूरे क्षेत्र को लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

किसानों और स्थानीय लोगों के लिए भी निर्देश

बैठक के दौरान अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, NOC और मुआवजा प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही विकास कार्यों में आने वाली कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं को जल्द दूर करने को कहा गया।

यह परियोजना आने वाले समय में दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार दे सकती है।