Rajasthan सरकार ने वंचित वर्गों के मेधावी छात्रों के लिए एक बेहतरीन पहल की है।
Rajasthan News: राजस्थान सरकार की ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना’ (Rajasthan Anuprati Free Coaching Scheme) वंचित वर्ग के मेधावी छात्रों (Bright Students) के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत UPSC, NEET, JEE, REET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री कोचिंग (Free Coaching) प्रदान की जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी अपने सपनों को साकार कर सकें।

क्या है मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना?
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना (Rajasthan Anuprati Free Coaching Scheme) राजस्थान सरकार की एक कल्याणकारी पहल है, जिसका लक्ष्य अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अति पिछड़ा वर्ग (MBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के मेधावी छात्रों को मुफ्त कोचिंग सुविधा देना है। यह योजना समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए शुरू की गई है।
ये भी पढ़ेंः Rajasthan News: मतदाताओं के मन में उठे संशय दूर करना हमारी पहली प्राथमिकता — मुख्य निर्वाचन अधिकारी
किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?
यह योजना केवल राजस्थान के स्थायी निवासियों के लिए है। पात्रता के लिए छात्रों का अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होना जरूरी है। चयन मेरिट के आधार पर होता है, यानी अच्छे अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को ही कोचिंग संस्थानों में सीट मिलती है।
किन परीक्षाओं की होगी मुफ्त कोचिंग?
योजना के तहत छात्रों को UPSC, RPSC, SSC, REET, IIT-JEE, NEET, CLAT, NDA, बैंकिंग और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग दी जाती है। यह कोचिंग राज्य सरकार द्वारा चयनित प्रतिष्ठित संस्थानों में उपलब्ध कराई जाती है।
योजना के प्रमुख लाभ क्या हैं?
प्रतियोगी माहौल में बेहतर प्रदर्शन की संभावनाएं बढ़ती हैं।
छात्रों से कोई फीस नहीं ली जाती।
कोचिंग का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाती है।
गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन, मॉक टेस्ट, स्टडी मटेरियल और अभ्यास की सुविधा।
आर्थिक चिंता से मुक्त होकर पढ़ाई पर पूरा फोकस करने का अवसर।
बदल रही है छात्रों की किस्मत
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना (Rajasthan Anuprati Free Coaching Scheme) ने अब तक हजारों छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाई है। खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों के लिए यह योजना गेम-चेंजर साबित हुई है। जहां पहले संसाधनों की कमी थी, वहां अब मेधावी छात्र इस योजना की मदद से नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
ये भी पढ़ेंः Rajasthan सरकार का बड़ा फैसला, प्राइवेट स्कूलों में भी टीचर-स्टूडेंट्स की अटेंडेंस अब होगी ऑनलाइन
सामाजिक न्याय को बढ़ावा
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह वंचित वर्गों के छात्रों को सरकारी नौकरियों और प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
