Rajasthan सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी और फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए कड़ा कदम उठाया है।
Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने निजी स्कूलों (Private Schools) की मनमानी और फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए कड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में डमी स्टूडेंट्स (Dummy Students) और डमी टीचर्स की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूलों में स्टूडेंट्स और टीचर्स की ऑनलाइन अटेंडेंस (Online Attendance) अनिवार्य करने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर (Minister Madan Dilawar) ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस सिस्टम को जल्द लागू किया जाए ताकि अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके।

बिना मान्यता के कक्षाओं पर सवाल
आपको बता दें कि शिक्षा मंत्री के पास कई शिकायतें पहुंचीं कि कुछ निजी स्कूल बिना मान्यता के कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। कई स्कूलों को केवल पांचवीं कक्षा तक की मान्यता है, लेकिन वे आठवीं तक पढ़ाई करवा रहे हैं। कुछ स्कूल आठवीं तक की मान्यता के बावजूद दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई करवाते हैं। ऐसे स्कूल परीक्षा के समय बच्चों का दाखिला अन्य स्कूलों में दिखाते हैं, जिससे विवाद की स्थिति बनती है। ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम लागू होने से इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
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सरकारी स्कूलों की तर्ज पर सिस्टम
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पिछले कुछ वर्षों से स्टूडेंट्स और टीचर्स की ऑनलाइन अटेंडेंस की व्यवस्था लागू है। स्कूलों में पहले एप के जरिए अटेंडेंस दर्ज की जाती है, जिसे बाद में शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। अब यही सिस्टम निजी स्कूलों के लिए भी लागू किया जाएगा। इसके लिए एक अलग मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है, जो फर्जीवाड़े और स्कूल संचालकों की मनमानी को रोकेगा।

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91 लाख स्टूडेंट्स, साढ़े चार लाख टीचर्स
प्रदेश में 35 हजार से अधिक निजी स्कूल हैं, जिनमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में 91 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं और करीब साढ़े चार लाख टीचर्स कार्यरत हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सरकार निजी स्कूलों के लिए एक मजबूत ऑनलाइन सिस्टम विकसित कर रही है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि यह सिस्टम जल्द लागू होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताएं कम होंगी।
