Chhattisgarh News: रायपुर, 17 जुलाई। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की तैयारियों के तहत राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीकॉस्ट) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिला समन्वयकों और रिसोर्स शिक्षकों को नई थीम, परियोजना निर्माण और वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
वैज्ञानिक प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आयोजित होने वाला एक प्रमुख वैज्ञानिक कार्यक्रम है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं स्थानीय समस्याओं की पहचान कर वैज्ञानिक पद्धति से उनके समाधान पर आधारित परियोजनाएं तैयार करते हैं। ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर चयनित प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
‘साइंस एंड इनोवेशन फॉर सस्टेनेबिलिटी’ होगी इस वर्ष की थीम
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने इस वर्ष की थीम ‘Science and Innovation for Sustainability’ पर विस्तार से जानकारी दी। शिक्षकों से कहा गया कि वे विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन कर व्यावहारिक और नवाचार आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करें।
R5 तकनीक और ऊर्जा संरक्षण पर विशेष फोकस
तकनीकी सत्रों में R5 तकनीक (Reduce, Reuse, Recover, Redesign और Recycle) के माध्यम से कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, पुनर्चक्रण, कृषि, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि इन विषयों पर स्थानीय स्तर की परियोजनाएं सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
एआई और नवीकरणीय ऊर्जा पर भी हुई चर्चा
कार्यशाला में ऊर्जा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग, ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि एआई आधारित तकनीकें ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ स्वच्छ ऊर्जा के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मिशन लाइफ से जोड़ने का आह्वान
विशेषज्ञों ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को Mission LiFE की भावना के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। साथ ही वैज्ञानिक लेखन, परियोजना प्रस्तुतीकरण और मूल्यांकन प्रक्रिया की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
राज्यभर के शिक्षक करेंगे बाल वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन
कार्यशाला में प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिला समन्वयकों और रिसोर्स शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के सफल आयोजन और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचार आधारित परियोजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। चयनित प्रतिभागी आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के बाद राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
