Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने समाना में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल स्टेडियम की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पूरे पंजाब में 3,100 आधुनिक खेल स्टेडियम और मैदान विकसित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं को सही दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और नशे के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार भी।
10.35 करोड़ रुपये से बनेगा आधुनिक स्टेडियम
मुख्यमंत्री ने बताया कि समाना में बनने वाला यह स्टेडियम 10.35 करोड़ रुपये की लागत से करीब 9 एकड़ पंचायत भूमि पर तैयार किया जाएगा।
स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 400 मीटर का आठ लेन वाला सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनाया जाएगा, जहां 100, 200 और 400 मीटर दौड़ सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी।
खिलाड़ियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
स्टेडियम के अंदर शॉट पुट, हैमर थ्रो, लॉन्ग जंप, हाई जंप, डिस्कस थ्रो और अन्य एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे समाना और आसपास के क्षेत्रों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा और वे बड़े खेल आयोजनों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
खेलों से जुड़े युवाओं को नशे की ओर देखने का समय नहीं
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खेलों में सक्रिय युवा अपनी पूरी ऊर्जा अभ्यास और प्रतियोगिताओं में लगाते हैं, इसलिए उनके पास नशे की ओर जाने का समय ही नहीं होता।
उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति को मजबूत करना राज्य सरकार के ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान का सबसे प्रभावी हिस्सा है।
पूरे पंजाब में बनेंगे 3,100 खेल मैदान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 1,250 करोड़ रुपये की लागत से पूरे पंजाब में 3,100 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है।
इन खेल मैदानों में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी उच्च स्तर का प्रशिक्षण मिल सके।
स्टेडियमों में होंगी आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन स्टेडियमों और खेल मैदानों में कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इनमें शामिल हैं—
- वॉलीबॉल, फुटबॉल और हॉकी मैदान
- छह लेन वाला रनिंग ट्रैक
- एलईडी फ्लडलाइट व्यवस्था
- छह फुट चौड़ा वॉकिंग ट्रैक
- स्प्रिंकलर सिस्टम
- बच्चों के खेलने का क्षेत्र
- व्हीलचेयर रैंप
- खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री रखने की व्यवस्था
- प्रशिक्षित कोचों द्वारा नियमित प्रशिक्षण
खेल बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए खेल विभाग का बजट बढ़ाकर 1,791 करोड़ रुपये कर दिया है।
इसके साथ ही खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
खिलाड़ियों को मिल रहा सम्मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले हॉकी खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी गई है।
इसके अलावा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को भी एक-एक करोड़ रुपये से सम्मानित किया गया है। नौ ओलंपिक पदक विजेताओं को पीसीएस और डीएसपी के पदों पर नियुक्ति भी दी गई है।
‘खेड़ां वतन पंजाब दीआं’ से बढ़ी खेल संस्कृति
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘खेड़ां वतन पंजाब दीआं’ प्रतियोगिता ने राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत किया है।
वर्ष 2024-25 में करीब 5 लाख खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया। पिछले तीन वर्षों में इस आयोजन पर 97.3 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि किला रायपुर के ग्रामीण खेलों को दुनिया भर में ‘मिनी ओलंपिक’ के रूप में पहचान मिली है। राज्य सरकार ने बैलगाड़ी दौड़ जैसे पारंपरिक ग्रामीण खेलों को भी दोबारा शुरू करने का रास्ता तैयार किया है।
पहली बार पंजाब करेगा एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पंजाब के लिए गर्व की बात है कि राज्य पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी की मेजबानी करेगा।
अक्टूबर में होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के मुकाबले बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम, मोहाली और सुरजीत हॉकी स्टेडियम, जालंधर में खेले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन पंजाब में खेलों को नई पहचान देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
