Punjab News: पंजाब सरकार राज्य में बेअदबी की घटनाओं को रोकने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। यह जानकारी पंजाब विधानसभा के स्पीकर Kultar Singh Sandhwan ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार कानूनी ढांचे और न्यायिक प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए विशेष सत्र में नया विधेयक पेश करेगी।
विशेष सत्र से पहले गुरुद्वारा में टेका माथा
विशेष सत्र शुरू होने से पहले स्पीकर Kultar Singh Sandhwan ने Gurdwara Sri Amb Sahib में माथा टेका और राज्य के लोगों को Baisakhi के पावन अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि दसवें गुरु Guru Gobind Singh द्वारा खालसा पंथ की स्थापना और पंच प्यारों की रचना ने सिख समुदाय को एक अलग पहचान दी, जो “सरबत दा भला” के सिद्धांत पर आधारित है।
न्याय और रोकथाम के लिए सरकार प्रतिबद्ध
बेअदबी के संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए स्पीकर ने कहा कि पिछली घटनाओं से सिख संगत को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में सरकार दोषियों को सजा दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सरकार का प्रस्तावित विधेयक मौजूदा विशेष सत्र के दौरान पेश किया जाएगा, जिससे कानून और भी सख्त हो सकेगा।
जांच की स्थिति: अधिकांश मामलों में चालान पेश
स्पीकर ने बताया कि बहबल कलां और बरगाड़ी बेअदबी मामलों की जांच लगभग पूरी हो चुकी है।
- एक मामले को छोड़कर बाकी सभी मामलों में चालान अदालत में पेश किए जा चुके हैं।
- सभी मामले फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन हैं।
इससे संकेत मिलता है कि सरकार इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर तेजी से काम कर रही है।
आलोचकों को दिया जवाब
एसजीपीसी द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर ने कहा कि अतीत में इन मुद्दों को सुलझाने के लिए कई अवसर थे, लेकिन उस समय उचित कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने कार्यकाल में न्याय नहीं दिला सके, उन्हें अब वर्तमान प्रयासों में बाधा डालने का अधिकार नहीं है।
एकता और सर्वसम्मति की अपील
अंत में स्पीकर Kultar Singh Sandhwan ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे पार्टी लाइन से ऊपर उठकर इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करें। उन्होंने कहा कि यह कानून राज्य में शांति, भाईचारे और Guru Granth Sahib की पवित्रता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
