Punjab News: आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने बाढ़ सुरक्षा और जल प्रबंधन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य तय समय सीमा से पहले पूरे किए जाएं और किसी भी तरह की लापरवाही पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और हर स्तर पर तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

ड्रेनों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तुरंत सफाई के निर्देश
एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, नालों और नदियों की तुरंत सफाई और डी-सिल्टिंग (गाद निकालने) का कार्य तेज किया जाए।
उन्होंने कहा कि बारिश से पहले:
- सभी ड्रेनों और नालों की सफाई पूरी की जाए
- कमजोर बांधों को मजबूत किया जाए
- संभावित बाढ़ स्थलों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जाएं
विशेष रूप से गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की सफाई और मजबूती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति से बचा जा सके।
बुड्डा नाले और प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने बुड्डा नाले की सफाई कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया कि लुधियाना शहर के शुरुआती हिस्से तक नाले के पानी को साफ कर दिया गया है और आगे का कार्य लगातार जारी है।
उन्होंने डेयरियों से निकलने वाले कचरे और गोबर को नालों में डालने पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए और नगर निगम को उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

इसके अलावा, औद्योगिक इकाइयों द्वारा छोड़े जाने वाले गंदे पानी के उचित उपचार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
लंबित जल और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का आदेश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लंबित जल और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बिना देरी पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
- हेबोवाल में सीबीजी प्लांट को जल्द शुरू किया जाए
- ताजपुर में प्रस्तावित प्लांट के लिए 2.5 एकड़ भूमि आवंटन का प्रस्ताव एक सप्ताह में अंतिम रूप दिया जाए
- राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर पुलों में तकनीकी सुधार किए जाएं
इसके साथ ही सतलुज नदी पर धुसी बांध सड़क परियोजना को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई, जिसे लगभग 117.75 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।

संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात
बैठक में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने नदियों और ड्रेनों की सफाई तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को सतलुज और अन्य मौसमी नदियों के कमजोर बांधों को मजबूत करने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजाब सरकार द्वारा मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा और जल प्रबंधन के लिए उठाए जा रहे कदम राज्य में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। समय पर सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के पूरा होने से बाढ़ के खतरे को कम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
