Punjab News: पंजाब शिक्षा में बना नंबर 1, केरल को पीछे छोड़ा

पंजाब
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Punjab News: Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव का दावा किया है। चार साल पूरे होने पर सरकार ने अपनी “शिक्षा क्रांति” का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसमें बताया गया कि लगातार सुधारों के कारण अब सरकारी स्कूल मॉडल स्कूल बनते जा रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर भी पंजाब ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

शिक्षा बजट में बड़ा इजाफा

सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए बजट में बड़ा बढ़ोतरी की है। साल 2021-22 में जहां शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपये था, वहीं 2026-27 में इसे बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे साफ है कि सरकार इस क्षेत्र में लगातार निवेश कर रही है।

राष्ट्रीय सर्वे में पंजाब सबसे आगे

पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे में शानदार प्रदर्शन करते हुए Kerala को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि सरकारी स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों की मेहनत का परिणाम बताई जा रही है। छात्रों के अंक राष्ट्रीय औसत से करीब 18 प्रतिशत ज्यादा रहे।

स्कूल ऑफ एमिनेंस और बेहतर सुविधाएं

राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही शुरू हो चुके हैं। इन स्कूलों में छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार पढ़ाई और करियर की दिशा दी जा रही है। साथ ही, स्कूलों में लैब, कंप्यूटर, लाइब्रेरी और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ी सफलता

सरकारी स्कूलों के छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। करीब 740 छात्रों ने JEE और 1284 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकारी स्कूल अब निजी स्कूलों के बराबर खड़े हो रहे हैं।

शिक्षकों की भर्ती और ट्रेनिंग पर जोर

सरकार ने शिक्षा सुधार के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्ती की है। अप्रैल 2022 से अब तक 14,525 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विदेशों जैसे सिंगापुर और फिनलैंड में ट्रेनिंग भी दी जा रही है, जिससे उनकी क्षमता और बढ़े।

बुनियादी ढांचे में सुधार

स्कूलों में नए क्लासरूम, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब, खेल मैदान और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था की गई है। साथ ही हाई-स्पीड वाई-फाई जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं, जिससे पढ़ाई और आधुनिक हो सके।

छात्र-छात्राओं के लिए नई पहल

लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू की गई है ताकि कोई भी छात्रा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके अलावा छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म और समय पर किताबें भी दी जा रही हैं।

रोजगार और उद्यमिता पर फोकस

सरकार ने “बिजनेस ब्लास्टर” जैसी योजना शुरू की है, जिससे छात्रों में उद्यमिता की सोच विकसित हो रही है। छात्र अब सिर्फ नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

उच्च शिक्षा और नई नीतियां

उच्च शिक्षा में भी सुधार किए गए हैं। नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति लाई गई है और नए कॉलेज खोले जा रहे हैं। साथ ही ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर पारदर्शिता बढ़ाई गई है।

भाषा और संस्कृति को बढ़ावा

पंजाब में सरकारी कामकाज में पंजाबी भाषा को अनिवार्य किया गया है। साथ ही साहित्य को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने का काम भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिल सके।