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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण पर व्यापक समर्थन

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने के संकल्प पर व्यापक चर्चा हुई। यह पहल महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री का संदेश: नारी ही शक्ति की आधारशिला

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मातृशक्ति केवल सम्मान का विषय नहीं, बल्कि समाज की सृजनात्मक शक्ति है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं को समान अवसर और अधिकार मिलना जरूरी है, ताकि वे हर क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूती से निभा सकें।

महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

इस विशेष सत्र में विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपने विचार साझा किए। उन्होंने एकजुट होकर महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के इस संकल्प का समर्थन किया। यह समाज में बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए पहले ही कई प्रयास किए जा चुके हैं। अब उनकी राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाना जरूरी है, ताकि वे नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। एक तिहाई आरक्षण का यह संकल्प इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

विधानसभा अध्यक्ष का आभार

मुख्यमंत्री ने इस विशेष सत्र के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मंच महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा और निर्णय लेने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

राजनीति से ऊपर है यह मुद्दा

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकारों का विषय किसी एक दल या राजनीति तक सीमित नहीं है। यह पूरे समाज और देश के विकास से जुड़ा हुआ मुद्दा है, जिसमें सभी का सहयोग आवश्यक है।

भविष्य की दिशा: सशक्त और समान समाज

आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, ऐसे में उन्हें समान अवसर और अधिकार देना समाज की जिम्मेदारी है। यह विशेष सत्र एक ऐसी सोच को दर्शाता है, जो आने वाले समय में महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाएगा।

यह पहल केवल एक नीति नहीं, बल्कि एक मजबूत विचार है जो महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को नई दिशा देता है। इससे समाज में संतुलन और विकास की नई राह खुलेगी।