Punjab News: पंजाब में धान की खेती में सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है। राज्य सरकार के अनुसार इस वर्ष धान की सीधी बुवाई के रकबे में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब तक 26,896 किसानों ने 3.41 लाख एकड़ भूमि पर डीएसआर तकनीक से धान की बुवाई की है।
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि यह बढ़ोतरी भूजल संरक्षण और टिकाऊ खेती के लिए किसानों के बढ़ते विश्वास का संकेत है।
पिछले साल के मुकाबले बढ़ा डीएसआर का रकबा
कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में 25,853 किसानों ने 2.93 लाख एकड़ भूमि पर डीएसआर तकनीक अपनाई थी। इस वर्ष किसानों की संख्या और रकबा दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सरकार का मानना है कि यह बदलाव जल संरक्षण और खेती की लागत कम करने की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
डीएसआर योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने वर्ष 2026-27 में डीएसआर योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। यह पिछले वर्ष वितरित 35.16 करोड़ रुपये से अधिक है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान को 1,500 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी जाएगी।
30 जून तक करा सकते हैं ऑनलाइन पंजीकरण
कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि जो किसान अभी तक डीएसआर योजना से नहीं जुड़े हैं, वे 30 जून तक ऑनलाइन पंजीकरण करा लें।
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए विभागीय अधिकारियों को विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं, जहां किसानों का ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण और बैंक खातों का सत्यापन किया जाएगा ताकि सहायता राशि समय पर उनके खाते में पहुंच सके।
डीएसआर तकनीक से क्या हैं फायदे?
डीएसआर यानी धान की सीधी बुवाई में नर्सरी तैयार करने और खेत में रोपाई करने की आवश्यकता नहीं होती। इससे किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं।
- सिंचाई के पानी की खपत 15 से 20 प्रतिशत तक कम होती है।
- मजदूरी पर होने वाला खर्च घटता है।
- खेती की कुल लागत कम होती है।
- भूजल संरक्षण में मदद मिलती है।
- खेती अधिक टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनती है।
जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि डीएसआर के तहत बढ़ता रकबा राज्य की टिकाऊ कृषि नीति की सफलता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि डीएसआर के तहत किया गया प्रत्येक एकड़ क्षेत्र भविष्य की पीढ़ियों के लिए भूजल बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ जल संरक्षण और आधुनिक खेती को भी बढ़ावा दे रही है।
किसानों को मिलेगी हर संभव सहायता
राज्य सरकार डीएसआर तकनीक को बढ़ावा देने के लिए लगातार जागरूकता अभियान, प्रदर्शन कार्यक्रम और तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है। साथ ही किसानों को पारंपरिक धान रोपाई की जगह आधुनिक डीएसआर तकनीक अपनाने के लिए हर संभव प्रशासनिक सहयोग भी दिया जा रहा है।
सरकार को उम्मीद है कि धान की रोपाई का कार्य जुलाई के मध्य तक जारी रहने के कारण आने वाले दिनों में डीएसआर तकनीक अपनाने वाले किसानों और इसके तहत आने वाले रकबे में और बढ़ोतरी होगी।
