Punjab News: चंडीगढ़, 16 जुलाई। पंजाब सरकार ने मानसून के दौरान बढ़ रहे डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और अन्य मौसमी बीमारियों के मामलों के बीच लोगों से समय पर जांच और उपचार कराने की अपील की है। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) के तहत पात्र परिवारों को इन बीमारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे इलाज के खर्च की चिंता कम हो सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने समय पर इलाज कराने की अपील की
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने मच्छरों और पानी से फैलने वाली मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए निगरानी व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारी और जांच सुविधाओं को मजबूत किया है। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास जमा पानी को साफ रखने तथा बुखार के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के पात्र लाभार्थी बिना इलाज के खर्च की चिंता किए समय पर अस्पताल में उपचार करा सकते हैं।
लाभार्थी ने साझा किया अनुभव
अमृतसर की रहने वाली बलविंदर कौर ने बताया कि हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 8,400 रुपये के इलाज का लाभ लिया। उनके अनुसार, तेज बुखार होने पर अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें योजना में पंजीकरण कराने में मदद की, जिससे उन्हें समय पर इलाज मिला और आर्थिक बोझ भी कम हुआ।
डॉक्टर बोले- पहले 48 घंटे सबसे महत्वपूर्ण
कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, वेरका के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राज कुमार (एमडी मेडिसिन) ने कहा कि मानसून के दौरान कई लोग शुरुआती बुखार को सामान्य वायरल संक्रमण समझकर इलाज में देरी कर देते हैं। उनके अनुसार, बुखार के पहले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और समय पर रक्त जांच तथा उचित उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान डेंगू के अलावा मलेरिया, टाइफाइड, वायरल हेपेटाइटिस और एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में लगातार बुखार रहने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
राज्य के कई जिलों से सामने आए बुखार के मामले
स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) के अनुसार, 6 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत इलाज किए गए मामलों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस (तीव्र बुखार वाली बीमारी) प्रमुख श्रेणियों में शामिल रही। बुखार से जुड़े दावे फाजिल्का, मोगा, संगरूर, गुरदासपुर और होशियारपुर समेत कई जिलों से प्राप्त हुए हैं।
सरकार के अनुसार, मरीजों का इलाज कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पतालों और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में किया गया। योजना के तहत बुखार संबंधी उपचार पैकेज 2,100 रुपये से 8,400 रुपये तक उपलब्ध हैं।
बचाव के लिए ये सावधानियां अपनाने की सलाह
डॉ. राज कुमार ने लोगों को सलाह दी कि यदि बुखार दो दिन से अधिक बना रहे या उसके साथ तेज शरीर दर्द, लगातार उल्टी, पेट दर्द, रक्तस्राव, सांस लेने में तकलीफ या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाएं।
उन्होंने मानसून के दौरान कूलर, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा पानी नियमित रूप से खाली करने, मच्छररोधी उपाय अपनाने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और साफ-सफाई बनाए रखने की भी सलाह दी।
