Punjab News: पंजाब में भगवंत मान सरकार की “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना” अब हजारों दिल के मरीजों के लिए नई जिंदगी का सहारा बन रही है। राज्य में हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति में मरीजों को समय पर कैशलेस इलाज मिलने से अब तक 5000 से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा चुकी है। सरकार की यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जो पहले इलाज के भारी खर्च और अस्पताल की प्रक्रिया के कारण समय पर उपचार नहीं करवा पाते थे। अब स्वास्थ्य कार्ड सिस्टम के जरिए सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मरीजों का इलाज तेजी से किया जा रहा है।
हार्ट अटैक में समय की अहमियत
डॉक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक के दौरान हर सेकंड बेहद महत्वपूर्ण होता है। इलाज में थोड़ी सी देरी भी मरीज की जान पर भारी पड़ सकती है। पहले मरीजों के परिवार को पैसे जुटाने, कागजी प्रक्रिया पूरी करने और अस्पताल की मंजूरी लेने में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत कैशलेस सुविधा मिलने से इलाज तुरंत शुरू हो रहा है। खासकर “गोल्डन ऑवर” यानी हार्ट अटैक के बाद के पहले 60 मिनट में इलाज मिलने से मौत के खतरे को काफी कम किया जा रहा है।
युवाओं में भी बढ़ रहे दिल की बीमारी के मामले
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक हर साल दुनिया में करीब 17.9 मिलियन लोगों की मौत हृदय रोगों के कारण होती है। पंजाब में भी दिल की बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अब यह समस्या सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। तनाव, खराब खानपान, आरामदायक जीवनशैली और डायबिटीज इसके बड़े कारण बन रहे हैं। ऐसे समय में सरकार की यह योजना मरीजों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है।
49 करोड़ रुपये से ज्यादा का इलाज
स्टेट हेल्थ एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में योजना के तहत कुल 5,054 हृदय संबंधी सर्जरियां की गई हैं। इनमें 5,000 पीटीसीए यानी परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी प्रक्रियाएं शामिल हैं। इसके अलावा 54 पेरिफेरल एंजियोप्लास्टी भी की गईं। इन इलाजों पर लगभग 49.6 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सरकार का कहना है कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर इलाज दिलाना उनकी प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताई योजना की सफलता
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस योजना का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि पहले जिन स्थितियों को जानलेवा माना जाता था, अब मरीज समय पर इलाज मिलने से ठीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्ड सिस्टम की वजह से इलाज में होने वाली देरी लगभग खत्म हो गई है और यह योजना कई परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।
अस्पतालों में बढ़ाई जा रही सुविधाएं
राज्य के अस्पतालों में कार्डियोलॉजी विभाग को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। अस्पतालों में ऐसे प्रोटोकॉल बनाए गए हैं, जिससे हार्ट अटैक के मरीजों की तुरंत जांच हो सके और बिना प्रशासनिक रुकावट के इलाज शुरू किया जा सके। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और राजिंदरा अस्पताल पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा कि पहले इलाज की लागत को लेकर परिवार असमंजस में रहते थे, लेकिन अब कैशलेस सुविधा के कारण यह परेशानी काफी कम हो गई है।
जिलों तक पहुंची बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
पहले छोटे जिलों से मरीजों को बड़े शहरों में रेफर किया जाता था, जिससे इलाज में देरी होती थी। लेकिन अब योजना के तहत कई अस्पतालों को सूचीबद्ध कर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे अब जिला स्तर पर भी एंजियोप्लास्टी जैसी सुविधाएं शुरू हो चुकी हैं और मरीजों को दूर नहीं जाना पड़ रहा। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इस योजना को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
