Punjab News: हर खेत तक पहुंचेगा नहरी पानी, पंजाब बिछाएगा 7,000 किमी पाइपलाइन

पंजाब
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Punjab News: पंजाब सरकार ने राज्य के प्रत्येक खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए वर्ष 2026 के अंत तक 7,000 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा के भल्लूर में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना और भूजल पर निर्भरता कम करना है।

चार वर्षों में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन का निर्माण

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में सरकार 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और खालों का निर्माण कर चुकी है। उन्होंने कहा कि यह दूरी प्रतीकात्मक रूप से कनाडा से मोगा तक की दूरी के बराबर है। इन पाइपलाइनों के माध्यम से अब तक 21,000 क्यूसेक नहरी पानी छोड़ा जा चुका है, जिससे किसानों को सिंचाई में बड़ा लाभ मिला है।

जल संरक्षण के लिए बनाए जा रहे वाटर रिचार्ज प्वाइंट

सरकार ने भूमिगत जल स्तर को सुधारने के लिए नहरों और नदियों के किनारे वाटर रिचार्ज प्वाइंट विकसित करने की भी योजना बनाई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों से कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा कि टिकाऊ जल प्रबंधन सरकार की कृषि नीति का अहम हिस्सा है।

पिछली सरकारों पर किसानों की अनदेखी का आरोप

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने किसानों के हितों की अनदेखी की और नहरी पानी केवल प्रभावशाली लोगों के खेतों तक सीमित रहा। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने लगभग 80 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि तक नहरी पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया है और शेष क्षेत्रों को भी जल्द जोड़ा जाएगा।

विकास और जनकल्याण पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली, 68,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां, बेहतर सड़कें, आधुनिक स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा गांवों में 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं ताकि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।

महिलाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मावां धियां सतिकार योजना’ के तहत 1 जुलाई से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। वहीं ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के माध्यम से प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल किया है, जो शिक्षा सुधारों का परिणाम है।