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Punjab News: पंजाब में नहर टूटने से डूबी 60-70 एकड़ फसल, किसानों को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग तेज

पंजाब
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Punjab News: पंजाब के किसानों के लिए मानसून से पहले एक बड़ी परेशानी सामने आई है। राज्य के कई इलाकों में नहरों के टूटने से खेतों में पानी भर गया, जिससे लगभग 60 से 70 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। अचानक आए पानी ने किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है और प्रभावित किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। नहरों की खराब स्थिति और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

कई स्थानों पर टूटी नहरें, खेतों में भरा पानी

जानकारी के अनुसार, नहरों में आई दरार और टूट-फूट के कारण बड़ी मात्रा में पानी आसपास के खेतों में फैल गया। देखते ही देखते दर्जनों एकड़ जमीन पानी में डूब गई और किसानों की फसलें प्रभावित हो गईं।

स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहरों की मरम्मत और सफाई कर दी जाती तो इस स्थिति से बचा जा सकता था।

60-70 एकड़ फसल को नुकसान

पानी भरने के कारण धान, चारा और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती में बड़ी लागत लगाई थी और अब अचानक हुए नुकसान से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कई किसानों ने प्रशासन से विशेष गिरदावरी कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

किसानों ने सिंचाई विभाग पर उठाए सवाल

घटना के बाद किसानों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका आरोप है कि नहरों की नियमित देखरेख और मरम्मत नहीं की गई, जिसके कारण यह स्थिति बनी।

किसानों का कहना है कि हर वर्ष नहर टूटने जैसी घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते।

प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य

घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और नहर की मरम्मत तथा पानी के बहाव को नियंत्रित करने का काम शुरू किया गया।

प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

किसानों की बढ़ी चिंता

पंजाब पहले से ही मौसम की मार और बढ़ती लागत जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में नहर टूटने से फसलों का नुकसान किसानों की परेशानियों को और बढ़ा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई ढांचे की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

तत्काल राहत की मांग

प्रभावित किसानों ने राज्य सरकार से फसल नुकसान का मुआवजा, विशेष गिरदावरी और नहरों की मजबूती के लिए स्थायी योजना बनाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र सहायता नहीं मिली तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।