Punjab News: पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई 10 लाख रुपये की हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आई है। लेकिन इस स्कीम से चंडीगढ़ में काम कर रहे पंजाब ब्यूरो के पत्रकार अब तक वंचित थे। अब इस मुद्दे को लेकर एक अहम पहल सामने आई है।
क्या है 10 लाख की हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम?
पंजाब सरकार की इस योजना के तहत राज्य के लगभग 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा रहा है। यह स्कीम पहले से चल रही आयुष्मान योजना का विस्तारित रूप है, जिसमें पहले 5 लाख रुपये तक का कवर मिलता था।
चंडीगढ़ के पत्रकार क्यों रह गए बाहर?
समस्या की जड़ यह है कि इस स्कीम का लाभ लेने के लिए पंजाब का आधार कार्ड या वोटर कार्ड अनिवार्य है।
- चंडीगढ़ में रहने वाले पत्रकारों के पास चंडीगढ़ का आधार और वोटर कार्ड है
- लेकिन वे पंजाब सरकार और वहां की खबरों को कवर करते हैं
इस कारण वे इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना से बाहर हो गए।
प्रेस क्लब ऑफ पंजाब की पहल
इस मुद्दे को उठाते हुए प्रेस क्लब ऑफ पंजाब के प्रतिनिधियों ने हेल्थ मिनिस्टर डॉ. बलबीर सिंह से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे:
- अश्वनी चावला (प्रेसिडेंट)
- अमित पांडे (जनरल सेक्रेटरी)
- परमिंदर सिंह जटपुरी (ट्रेजरर)
उन्होंने मंत्री को एक मेमोरेंडम सौंपकर पत्रकारों को स्कीम में शामिल करने की मांग की।
पहले क्या था और अब क्या बदला?
- पहले: आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का कवर मिलता था
- अब: नई स्कीम में 10 लाख का कवर, लेकिन केवल पंजाब के दस्तावेज़ वालों को
इस बदलाव ने चंडीगढ़ के पत्रकारों के लिए समस्या खड़ी कर दी।
सरकार का आश्वासन
हेल्थ मिनिस्टर डॉ. बलबीर सिंह ने भरोसा दिलाया है कि:
- पत्रकारों की मांग पर विचार किया जाएगा
- नियमों में बदलाव के लिए जल्द नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा
- चंडीगढ़ में रहने वाले लेकिन पंजाब कवर करने वाले पत्रकारों को भी स्कीम में शामिल किया जाएगा
यह मामला दिखाता है कि नीतियों में छोटी-सी तकनीकी शर्त भी कई लोगों को लाभ से वंचित कर सकती है। प्रेस क्लब की पहल और सरकार के सकारात्मक रुख से उम्मीद है कि जल्द ही चंडीगढ़ के पत्रकारों को भी इस हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम का लाभ मिल सकेगा।
