Punjab News: पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए बड़ा सहारा बनकर सामने आई है। 62 वर्षीय भूर कौर, जो पिछले 15-16 वर्षों से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से जूझ रही थीं, अचानक गंभीर हालत में पहुंच गईं। उनका ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़कर 550 mg/dL तक पहुंच गया, जिसके बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिवार के लिए यह बेहद डरावना समय था, क्योंकि उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
भूर कौर की बहू परमजीत ने बताया कि उस समय परिवार बेहद घबराया हुआ था। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। उनका बेटा हरपाल, जो गुरुद्वारे में पाठी है, इस मुश्किल समय में लगातार अरदास कर रहा था। परिवार को सिर्फ यही उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिल जाए और भूर कौर की जान बच सके।
अस्पताल में चली जिंदगी बचाने की जंग
भूर कौर को तुरंत संगरूर के सुनाम स्थित कश्मीरी हार्ट केयर सेंटर ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट और अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अंशुमन फुल के अनुसार, मरीज को डायबिटिक कीटोएसिडोसिस, गंभीर संक्रमण और एक्यूट रेस्पिरेटरी फेल्योर जैसी खतरनाक स्थितियों के साथ भर्ती किया गया था।
उनका ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिर रहा था और शरीर में गंभीर मेटाबॉलिक असंतुलन हो चुका था। संक्रमण के कारण सेप्सिस की स्थिति भी पैदा हो गई थी, जिसमें शरीर खुद ही अपने अंगों पर असर डालने लगता है। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मामलों में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। इलाज में थोड़ी भी देरी मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती थी।
आईसीयू में लगातार चला इलाज
अस्पताल के आईसीयू में भूर कौर का लगातार इलाज शुरू किया गया। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट, आईवी इंसुलिन, एंटीबायोटिक्स, फ्लूइड्स और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस जैसी जरूरी चिकित्सा दी गई। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। परिवार ICU के बाहर चिंता और दुआओं के सहारे बैठा रहा।
करीब तीन दिन बाद उनकी हालत में सुधार दिखना शुरू हुआ। ऑक्सीजन लेवल सामान्य होने लगा और संक्रमण भी धीरे-धीरे कम हुआ। सबसे बड़ी राहत तब मिली जब भूर कौर को होश आ गया। डॉक्टरों ने इसे बेहद महत्वपूर्ण पल बताया, क्योंकि वह धीरे-धीरे मौत के मुंह से वापस लौट रही थीं।
मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी सबसे बड़ा सहारा
इस पूरी मेडिकल इमरजेंसी में पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉक्टरों ने बताया कि योजना के कारण इलाज तुरंत शुरू हो सका और आर्थिक कारणों से कोई देरी नहीं हुई। ICU और इमरजेंसी उपचार बिना रुकावट जारी रहा, जिससे मरीज की जान बचाने में मदद मिली।
भूर कौर ने स्वस्थ होने के बाद कहा कि उन्हें ज्यादा कुछ याद नहीं, लेकिन इतना जरूर पता है कि उनकी हालत बेहद गंभीर थी। उन्होंने डॉक्टरों और पंजाब सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि सेहत कार्ड की वजह से उन्हें नई जिंदगी मिली है। परिवार ने भी माना कि समय पर इलाज और सरकारी सहायता ने उनकी उम्मीद को टूटने नहीं दिया।
