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Punjab News: किसानों की समस्याओं पर केंद्र सरकार गंभीर, गृह मंत्री से मिले मुख्यमंत्री मान

पंजाब राजनीति
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Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि आने वाले समय में किसान सीमा क्षेत्र की जमीन पर बिना किसी परेशानी के खेती कर सकेंगे। मुख्यमंत्री की मांग पर केंद्र सरकार ने भारत-पाक सीमा पर लगी कांटेदार तार (फेंसिंग) को सीमा की ओर स्थानांतरित करने पर सहमति दी है।

केंद्रीय गृह मंत्री से मुख्यमंत्री की अहम बैठक

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में पंजाब से जुड़े कई लंबे समय से लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें सीमा सुरक्षा, किसानों की समस्याएं, जल विवाद, बीज बिल, अनाज भंडारण, ग्रामीण विकास फंड और चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े विषय शामिल रहे।

सीमा पर कांटेदार तार से किसानों को होती थी परेशानी

मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत-पाक सीमा पर 532 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में कई जगह कांटेदार तार पंजाब की जमीन के काफी अंदर लगी हुई है। इसके कारण हजारों एकड़ खेती योग्य जमीन तार के उस पार चली गई है। किसानों को रोजाना पहचान पत्र दिखाकर बीएसएफ की निगरानी में खेतों तक जाना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी दिक्कत होती थी।

कांटेदार तार सीमा के पास शिफ्ट होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि कांटेदार तार को पंजाब की जमीन से हटाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगाया जाएगा। इससे किसानों की जमीन सुरक्षित रहेगी और वे बिना डर और रोक-टोक के खेती कर सकेंगे, साथ ही देश की सुरक्षा से भी कोई समझौता नहीं होगा।

बीज बिल 2025 पर पंजाब की आपत्ति

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित बीज बिल 2025 पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह बिल पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य की भूमिका को कमजोर करता है। नए बिल में बीज संबंधी फैसलों में पंजाब की उचित भागीदारी सुनिश्चित नहीं की गई है, जिससे किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

किसानों को कंपनियों पर निर्भर बनाना गलत: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना स्थानीय परीक्षण के विदेशी बीजों की बिक्री की अनुमति देना किसानों के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने साफ कहा कि किसानों को पूरी तरह निजी कंपनियों पर निर्भर करना न तो सही है और न ही किसानों के हित में है।

SYL नहर पर पंजाब का साफ रुख

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। सतलुज, रावी और ब्यास नदियों में पानी की उपलब्धता पहले ही कम हो चुकी है। ऐसे में सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर का निर्माण संभव नहीं है और यह पंजाब के हितों के खिलाफ है।

अनाज भंडारण और ढुलाई की गंभीर समस्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि एफसीआई द्वारा अनाज की ढुलाई बहुत धीमी गति से हो रही है। आने वाले खरीद सीजन को देखते हुए राज्य में भंडारण की भारी कमी है। उन्होंने केंद्र से विशेष रेलगाड़ियां चलाने और अनाज की समय पर ढुलाई सुनिश्चित करने की मांग की।

आढ़तिया कमीशन और भुगतान में देरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि आढ़तिया कमीशन पिछले कई वर्षों से फ्रीज है, जिससे मंडी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि आढ़तिये एजेंट नहीं, बल्कि जरूरी सेवाएं प्रदान करते हैं और उन्हें उनका हक मिलना चाहिए।

ग्रामीण विकास फंड बकाया, पंजाब का हक रोका गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण विकास फंड (RDF) और मार्केट फीस का भुगतान नहीं किया गया है। लगभग 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित है, जिससे गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि RDF कोई सहायता नहीं बल्कि पंजाब का अधिकार है।

चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब की भूमिका जरूरी

मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब के अधिकारियों की हिस्सेदारी कम किए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 60:40 के पुराने अनुपात को बनाए रखना जरूरी है, ताकि प्रशासनिक संतुलन बना रहे।

केंद्र सरकार ने दिया समाधान का भरोसा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द समाधान निकालने का भरोसा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे पंजाब के किसानों और आम जनता को जल्द राहत मिलेगी।