Punjab News:अकाल तख्त, बेअदबी कानून और महिलाओं की योजना पर मान का बड़ा संदेश, बोले- धर्म का दुरुपयोग कर पंजाब को बर्बाद किया गया

पंजाब
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Punjab News:बठिंडा, 24 जून: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बठिंडा के मौड़ हलके के गांव मंडी कलां में आयोजित लोक मिलनी के दौरान धार्मिक संस्थाओं, महिलाओं की कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेती से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च है, लेकिन कुछ लोग निजी हितों के लिए इस पवित्र संस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव तुरंत कराने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं को निजी राजनीतिक हितों के लिए बंधक बनाकर नहीं रखा जा सकता और पंजाब अब ऐसे ढांचे को और लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं कर सकता।

अकाल तख्त साहिब पर बोले मान, ‘मैंने श्रद्धा से मत्था टेका, राजनीति के लिए नहीं’

भगवंत मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम का सर्वोच्च तख्त है और हर सिख के लिए गहरी आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अकाल तख्त साहिब के आगे मत्था टेका क्योंकि यह हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च है, लेकिन कुछ लोग इस संस्था का इस्तेमाल अपने निजी हितों के लिए कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पवित्र धार्मिक संस्थाओं पर कुछ ऐसे तत्वों का प्रभाव बढ़ गया है, जो उनकी गरिमा और भूमिका को समझे बिना फैसले लेते हैं। मान ने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और इसे लंबे समय तक अनदेखा नहीं किया जा सकता।

SGPC चुनाव तुरंत कराने की मांग, केंद्र को लिखे जाने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भारत सरकार को पत्र लिखकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव जल्द कराने की मांग की है। उनके मुताबिक, इस संस्था के चुनाव हुए 14 साल बीत चुके हैं और इसकी स्थिति लगातार खराब हुई है।

मान ने कहा कि SGPC जैसी संस्था को लोकतांत्रिक और जवाबदेह ढांचे में चलना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि धार्मिक संस्थाओं पर लंबे समय से जमे राजनीतिक नियंत्रण ने उनकी विश्वसनीयता और कार्यप्रणाली दोनों को प्रभावित किया है।

बादल परिवार पर हमला, धर्म और माफिया के गठजोड़ का आरोप

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाली दल और बादल परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने सियासी फायदे के लिए धर्म का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बादल परिवार ने रेत, ट्रांसपोर्ट, ‘चिट्टा’ और दूसरे माफिया नेटवर्क को संरक्षण देकर पंजाब को बर्बादी की तरफ धकेला।

मान ने कहा कि लोगों ने अकालियों को गुरु साहिबान के नाम पर वोट दिए, लेकिन बदले में उन्हें भ्रष्टाचार, संसाधनों की लूट और धार्मिक भावनाओं के राजनीतिक इस्तेमाल का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इस इतिहास को भूले नहीं हैं।

बेअदबी पर सख्त कानून का दावा, 2026 अधिनियम को बताया ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026’ को अपनी सरकार का बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून बेअदबी के मामलों में कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मजबूत प्रतिरोधक बनेगा।

मान के मुताबिक, इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो दोषी की संपत्ति तक बेची जा सकती है।

‘गुरु साहिब का निरादर बर्दाश्त नहीं’, कानून को बताया नैतिक जिम्मेदारी

भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं और उनकी पवित्रता की रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनकी सरकार को ऐसा कानून लाने का अवसर मिला, जो भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का रास्ता खोलेगा।

उन्होंने इसे सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि नैतिक और ऐतिहासिक जिम्मेदारी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य सजा देना भर नहीं, बल्कि भविष्य में बेअदबी जैसी घटनाओं को रोकना भी है।

महिलाओं के लिए ‘मांवां-धीयां सम्मान योजना’ का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए ‘मांवां-धीयां सम्मान योजना’ को अपनी सरकार की सबसे अहम योजनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पंजाब की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी।

मान ने बताया कि सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं को 1 जुलाई से इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया

भगवंत मान ने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि माताओं और बहनों को सम्मान और सुरक्षा देने की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सीधे वित्तीय सहायता देना परिवारों की आर्थिक मजबूती और सामाजिक भागीदारी दोनों को बढ़ाएगा।

उन्होंने इस योजना को पंजाब की महिलाओं के लिए एक बड़े सामाजिक हस्तक्षेप के रूप में पेश किया। मान के मुताबिक, सरकार चाहती है कि महिलाएं सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास की सक्रिय भागीदार बनें।

लोक मिलनी में गांव के लिए ग्रांट, लाइब्रेरी और धर्मशाला नवीनीकरण की घोषणा

मंडी कलां में आयोजित लोक मिलनी के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के विकास के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने गांव में नई लाइब्रेरी खोलने और 55 साल पुरानी धर्मशाला के नवीनीकरण का भी ऐलान किया।

मान ने कहा कि लोक मिलनी कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता से सीधे संवाद का मंच है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार गांवों और कस्बों की छोटी लेकिन जरूरी जरूरतों पर भी बराबर ध्यान दे रही है।

मुफ्त बिजली और किसानों को दिन में सप्लाई, सरकार ने गिनाईं उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। उन्होंने इसे आम लोगों को राहत देने वाली बड़ी योजना बताया और कहा कि सरकार का लक्ष्य सुविधाओं का लाभ सीधे परिवारों तक पहुंचाना है।

उन्होंने किसानों के लिए दिन के समय बिजली आपूर्ति को भी बड़ी उपलब्धि बताया। मान ने कहा कि धान के सीजन में कृषि मोटरों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई आसान हुई है और खेती को बड़ा फायदा पहुंचा है।

सिंचाई ढांचे में बड़े बदलाव का दावा, 22 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक नहरी पानी उपयोग

भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने सिंचाई बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है। उन्होंने दावा किया कि जब उनकी सरकार आई थी तब सिंचाई के लिए सिर्फ 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था, जो अब 80 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।

उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है, नई जलवाहिकाएं बनाई गई हैं और पुरानी नहरों व खालों को दोबारा मजबूत किया गया है। उनके मुताबिक, इससे किसानों को सीधा लाभ मिला है और भूजल पर दबाव भी कम हुआ है।

भूजल सुधार का दावा, कई इलाकों में जलस्तर बढ़ने की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं ताकि भूजल स्तर को सुधारा जा सके। उनके मुताबिक, कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है, जो राज्य के लिए सकारात्मक संकेत है।

मान ने कहा कि पानी पंजाब की पहचान और अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए सरकार इसे केवल कृषि नहीं बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के हित से जोड़कर देख रही है। उन्होंने जल प्रबंधन को अपनी सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में गिनाया।

शिक्षा में पंजाब नंबर-1, केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ने का दावा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा क्षेत्र को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है।

मान ने कहा कि यह उपलब्धि स्कूलों के उन्नयन, स्मार्ट कक्षाओं, शिक्षकों के प्रशिक्षण और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर लगातार काम का नतीजा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को ऊपर उठाने का सबसे बड़ा माध्यम है और इसी वजह से सरकार इस क्षेत्र में लगातार निवेश कर रही है।

निजी स्कूल फीस पर सख्ती, 5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी पर रोक

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस में मनमानी बढ़ोतरी रोकने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक अध्यादेश को मंजूरी दी है, जिसके तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा।

मान ने कहा कि इसका उद्देश्य स्कूल फीस ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। उन्होंने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

स्वास्थ्य योजना पर जोर, 65 लाख परिवारों को कार्ड देने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उनकी सरकार ने बड़ा काम किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं और हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का अधिकार दिया जा रहा है।

मान के मुताबिक, 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर चुके हैं और अब तक लगभग 650 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज का लाभ उठाया जा चुका है। उन्होंने लोगों से इस योजना का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।

कांग्रेस और पारंपरिक दलों पर तंज, ‘हर कांग्रेसी खुद को मुख्यमंत्री मानता है’

विरोधी दलों पर हमला बोलते हुए भगवंत मान ने कहा कि पारंपरिक सियासी पार्टियां लोगों के सामने बेनकाब होने से डरती हैं, इसलिए झूठा प्रचार करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने धर्म, जात-पात और नफरत की राजनीति के जरिए लोगों को लंबे समय तक गुमराह किया।

कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी में आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। मान ने कहा कि कांग्रेस के पास पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है और वह केवल सत्ता में वापसी का सपना देख रही है।

‘झाड़ू गंदगी साफ कर रही है’, 2022 के जनादेश का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनावों में पंजाब के लोगों ने पारंपरिक राजनीति को नकार दिया था और एक ईमानदार सरकार को चुना था। उन्होंने कहा कि AAP सरकार उसी जनादेश के आधार पर काम कर रही है और राज्य को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

मान ने कहा कि पहले सत्ता सिर्फ कुछ परिवारों और दलों के बीच घूमती थी, लेकिन अब राजनीति का केंद्र आम जनता का कल्याण है। उनके मुताबिक, पंजाब में जो बदलाव दिख रहा है, वह इसी सोच का परिणाम है।

धर्म, कल्याण और विकास—एक साथ कई मोर्चों पर राजनीतिक संदेश

बठिंडा की इस लोक मिलनी में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सिर्फ एक मुद्दे पर नहीं, बल्कि कई मोर्चों पर अपना राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश देने की कोशिश की। अकाल तख्त साहिब की गरिमा, SGPC चुनाव, बेअदबी कानून, महिला सम्मान योजना, शिक्षा, बिजली, सिंचाई और स्वास्थ्य—इन सभी मुद्दों को एक साथ जोड़कर सरकार ने अपनी उपलब्धियों और राजनीतिक रुख को सामने रखा।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि महिलाओं की नई योजना, शिक्षा और स्वास्थ्य के दावे तथा धार्मिक संस्थाओं को लेकर उठाए गए सवाल आने वाले समय में पंजाब की राजनीति को किस दिशा में ले जाते हैं। फिलहाल इतना साफ है कि AAP सरकार अपने कामकाज और राजनीतिक नैरेटिव—दोनों को एक साथ मजबूती से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।