Chhattisgarh News:बस्तर में नक्सलवाद से विकास तक का सफर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में गिनाईं उपलब्धियां

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: रायपुर, 14 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान कहा कि दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के साहस तथा स्थानीय लोगों के सहयोग को इस परिवर्तन का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश का अग्रणी जनजातीय संभाग बनाना है।

सुरक्षा अभियान और पुनर्वास नीति से मिली निर्णायक सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुरक्षा और विकास की संयुक्त रणनीति अपनाई गई। सुरक्षा अभियानों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति लागू की गई, जिसके तहत आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। इससे बड़ी संख्या में लोगों ने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की।

‘बस्तर रोडमैप 2.0’ से समग्र विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब सरकार का पूरा ध्यान ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के माध्यम से पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना के विकास पर केंद्रित है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का संतृप्तिकरण किया जा रहा है, जिससे 5,542 गांवों के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं का तेजी से विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। नक्सल प्रभावित 240 गांवों के 458 बंद स्कूलों में से 421 स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है तथा 36 नए विद्यालय स्वीकृत हुए हैं। इसके साथ ही 6.79 लाख राशन कार्ड, 22 लाख आयुष्मान कार्ड, 17 लाख जनधन खाते, 3.89 लाख किसान क्रेडिट कार्ड और 1.18 लाख वनाधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं।

रेल, सड़क और हवाई संपर्क से बढ़ेगी विकास की रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर कार्य जारी है। वहीं, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे अंतिम चरण में है, जिससे बस्तर की कनेक्टिविटी, पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी। जगदलपुर में हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया गया है।

युवाओं के लिए रोजगार और सांस्कृतिक अवसर

सरकार ने बस्तर के सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए हैं ताकि युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाया जा सके। साथ ही बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में 4 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी हुई, जिससे खेल, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा मिला।

‘सुरक्षा के साथ विकास’ मॉडल पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद का खात्मा करना नहीं, बल्कि बस्तर के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। सुरक्षा, जनकल्याण और विकास की एकीकृत रणनीति के माध्यम से बस्तर को विश्वास, अवसर और समृद्धि का नया केंद्र बनाया जा रहा है।