Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फरीदकोट के गांव पंजगराईं कलां में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान अकाली दल और बादल परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब और पंजाबियों के साथ विश्वासघात करने वालों के सभी काले कारनामे जनता के सामने लाए जाएंगे और उन्हें उनके कर्मों की सजा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद बादल परिवार ने प्रदेश के हितों की बजाय अपने निजी और राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली नेतृत्व ने किसानों की पीठ में छुरा घोंपा, धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल किया और पंजाब को नशे की समस्या की ओर धकेला।
किसानों के साथ विश्वासघात का आरोप
भगवंत मान ने कहा कि जब देशभर के किसान कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे, तब अकाली नेताओं ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के विरोध को देखकर बाद में उन्होंने अपना रुख बदल लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के किसान और आम लोग इस बात को कभी नहीं भूलेंगे कि कठिन समय में उनके साथ कौन खड़ा था और कौन उनके खिलाफ।
नशे के खिलाफ सरकार की कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के समय नशे का कारोबार बढ़ा, जबकि वर्तमान सरकार पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरियां देकर बेहतर भविष्य देने का प्रयास कर रही है।
67,500 से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 67,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है और इसमें किसी प्रकार की सिफारिश या भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब योग्य युवाओं को उनकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से पहले शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब देश में 27वें स्थान पर था। उन्होंने दावा किया कि चार वर्षों के भीतर राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, आधुनिक शिक्षा और बेहतर शिक्षण व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
महिलाओं के लिए सम्मान योजना
भगवंत मान ने बताया कि मांवां-धीयां सत्कार योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार इस योजना से पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी और इसके लिए सरकार ने 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती को फायदा पहुंच रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। उनके अनुसार अब तक लाखों लोगों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।
बेअदबी मामलों पर सख्त कानून
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद करेगा।
पंजाब के विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध पंजाब का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने का हर पैसा जनता की भलाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है।
उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।
