Punjab News: पंजाब के शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
Punjab News: पंजाब के शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी राहत मिली है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन की नियुक्तियों को नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रखने की अनुमति मांगी गई थी। इस फैसले से सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई की निरंतरता सुनिश्चित होगी और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती रहेगी। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस (Minister Harjot Singh Bains) ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।

शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस (Minister Harjot Singh Bains) ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने लिखा, ‘पंजाब के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत, माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों को नई भर्ती होने तक सरकारी कॉलेजों में सेवा जारी रखने की अनुमति दी है। यह निर्णय हमारे छात्रों के लिए शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करता है।’ इस राहत से न केवल शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हुआ है, बल्कि कॉलेजों में पढ़ाई भी निर्बाध रूप से चल सकेगी।

ये भी पढ़ेंः Punjab: CM मान का बड़ा तोहफा, अब 31 अगस्त तक बिना जुर्माना-ब्याज के भर सकेंगे बकाया प्रॉपर्टी टैक्स
सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर करेगी सरकार
पंजाब सरकार ने इस मामले में और मजबूत कदम उठाने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकार 1158 भर्तियों को स्थायी रूप से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर करने की प्रक्रिया में है। सरकार इस याचिका में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी ताकि इन शिक्षकों को पूर्ण न्याय मिल सके और उनकी नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार हो। यह कदम सरकार की शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बता दें कि 24 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की भर्ती को रद्द कर दिया था, जिसमें यूजीसी नियमों का पालन न करने और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं का हवाला दिया गया था। इस फैसले ने उन शिक्षकों के करियर को खतरे में डाल दिया था, जो कई वर्षों से सरकारी कॉलेजों में पढ़ा रहे थे। साथ ही, छात्रों की पढ़ाई पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। पंजाब सरकार ने इस चुनौती का सामना करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और शिक्षकों को अस्थायी रूप से सेवा में बनाए रखने की अनुमति मांगी।

ये भी पढ़ेंः Punjab सरकार का डिजिटल तोहफा, 3 लाख पेंशनरों के लिए सर्विस पोर्टल जल्द होगा लॉन्च
पंजाब सरकार (Punjab Government) ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि शिक्षकों की कमी से सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई राहत यह सुनिश्चित करती है कि 1158 सहायक प्रोफेसर और लाइब्रेरियन नई भर्ती तक अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे, जिससे छात्रों को निर्बाध शिक्षा मिलेगी। सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि यह फैसला पंजाब के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बनाए रखने में मदद करेगा।
