Punjab News: पंजाब सरकार ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को ऐतिहासिक स्तर पर मनाने का फैसला किया है। भगवंत मान की सरकार ने इस अवसर पर पूरे साल चलने वाले कार्यक्रमों का विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए कैबिनेट की सब-कमेटी की बैठक चंडीगढ़ में आयोजित की गई।
सालभर चलेंगे धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम
बैठक की अध्यक्षता हरपाल सिंह चीमा ने की। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य गुरु रविदास जी के समानता, मानवता और भक्ति के संदेश को राज्य के हर कोने तक पहुंचाना है। यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं होगा, बल्कि इसमें सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रम भी शामिल होंगे।
चार बड़ी शोभायात्राएं खुरालगढ़ साहिब पहुंचेंगी
सरकार ने फैसला किया है कि वाराणसी, फरीदकोट, जम्मू और बठिंडा से चार बड़ी शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। ये सभी शोभायात्राएं श्री खुरालगढ़ साहिब में नतमस्तक होंगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए वाराणसी स्थित गुरु रविदास जी के जन्म स्थान के दर्शन हेतु तीर्थ यात्राओं की भी व्यवस्था की जाएगी।
युवाओं तक पहुंचेगा ‘बेगमपुरा’ का संदेश
सरकार स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में गुरु रविदास जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर विशेष सेमिनार आयोजित करेगी। ‘बेगमपुरा’ के संदेश—एक ऐसे समाज का विचार जहां दुख और भेदभाव न हो—को युवाओं तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए जिला स्तर पर ड्रोन शो और गांवों में डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी दिखाई जाएंगी।
हर जिले में 6.5 लाख पौधे और रक्तदान शिविर
650वीं शताब्दी के अवसर पर हर जिले में 6.5 लाख पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही राज्यभर में रक्तदान शिविर, मैराथन, साइकिल रैलियां और विशाल कीर्तन समागम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है।
वैश्विक स्तर पर मनाया जाएगा प्रकाश पर्व
सरकार चाहती है कि यह आयोजन केवल पंजाब तक सीमित न रहे, बल्कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिले। गुरु रविदास जी के विचारों को व्यापक रूप से प्रचारित करने के लिए विशेष प्रचार अभियान भी चलाए जाएंगे।
