Punjab

Punjab: CM Mann ने अनाज की खरीद तेज करने के लिए मंत्री प्रह्लाद जोशी से हस्तक्षेप की मांग की

पंजाब राजनीति
Spread the love

2025-26 सीज़न में पंजाब द्वारा 124 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने की उम्मीद

Punjab News: पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने बुधवार को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से सूबे से अनाज की खरीद में तेजी लाने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की, जिससे आने वाले समय में अनाज की सुचारू और बिना किसी कठिनाई के खरीद और भंडारण को सुनिश्चित किया जा सके।
ये भी पढ़ेः Raghav Chadha की AI पर बड़ी चिंता, ‘Make AI in India’ को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने जोशी से उनकी रिहाइश पर मुलाकात की और बताया कि पहली अप्रैल से शुरू होने वाले हार्वेस्ट मार्केटिंग सीजन 2025-26 के दौरान राज्य द्वारा 124 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले फसल सीजन में लगभग पांच लाख मीट्रिक टन गेहूं भी राज्य में स्टॉक किया गया है, जिसके कारण राज्य को लगभग 129 लाख मीट्रिक टन गेहूं के भंडारण के लिए व्यवस्था करनी पड़ रही है। सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि स्टोरेज के लिए स्थान की भारी कमी है और एजेंसियों के पास उपलब्ध अधिकांश कवरड स्थान चावल के भंडारण के लिए उपयोग किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टोरेज के लिए स्थान की कमी से निपटने के लिए कम से कम 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सीधी डिलीवरी के लिए स्पेशल ट्रेनों की जरूरत होगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप करने की अपील की ताकि गेहूं को स्पेशल ट्रेनों के जरिए प्राथमिकता के आधार पर बाहर भेजा जा सके। सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि चावल के लिए जगह की कमी के कारण एफ.सी.आई. ने अब तक केवल 45 प्रतिशत चावल ही लिए हैं, जबकि मिलिंग की अंतिम तारीख 31 मार्च 2025 है।

मुख्यमंत्री ने प्रह्लाद जोशी से मिलिंग की तारीख बढ़ाने के लिए जोर डाला। उन्होंने कहा कि अब तक एफ.सी.आई. के पास 7.50 लाख मीट्रिक टन चावल का स्थान उपलब्ध है, जबकि कुल 71.50 लाख मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी बाकी है। सीएम भगवंत सिंह मान ने अपील की कि साउनी सीजन 2024-25 के चावल की मिलिंग को समय पर पूरा करने के लिए एफ.सी.आई. को राज्य से चावल की अधिकतम ढुलाई-डिलीवरी की अनुमति दी जाए।

साइलोंज़ में गेहूं की खरीद के लिए आढ़तियों के कमीशन में कटौती का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तियों के कमीशन का भुगतान अन्य मंडियों के बराबर करने के मामले में डी.एफ.पी.डी., भारत सरकार के साथ विभिन्न बैठकें की गई थीं और यह भी बताया गया था कि यदि आढ़तियों को साइलोंज़ से खरीद के लिए कमीशन, नियमित मंडियों पर की जाने वाली खरीद के बराबर दिया जाता है तो मंडी लेबर और आवाजाही खर्चों से बचत होगी। इस कारण उन्होंने अपील की कि साइलोंज में आढ़तियों के कमीशन को सामान्य खरीद के बराबर अनुमति दी जाए ताकि साइलोंज़ से सीधी खरीद की सुविधा मिल सके। सीएम भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय मंत्री को सूचित किया कि आढ़तिए साइलोंज़ में मंडी के कामकाज के जैसे ही काम कर रहे हैं।

ये भी पढ़ेः Punjab: मान सरकार के नशा मुक्त अभियान को मिल रही है सफलता, मंत्री अमन अरोड़ा ने दी बड़ी जानकारी

आर.डी.एफ. के राज्य के बकाए हिस्से को जल्द जारी करने का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय सरकार को पंजाब सरकार की आवश्यक शर्तें पहले ही पूरी कर दी गई हैं और अब समय आ गया है कि केंद्र इन पैसों को जारी करे। सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य भिखारी नहीं हैं और उन्हें तंग करने की बजाय केंद्र से उनके फंड का उचित हिस्सा दिया जाना चाहिए।