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Punjab: स्वतंत्रता दिवस से पहले डीजीपी द्वारा आतंकवाद-रोधी रणनीतियों की समीक्षा, राज्यभर में सुरक्षा बढ़ाने और उच्च-स्तरीय नाके लगाने के निर्देश

पंजाब राजनीति
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डीजीपी गौरव यादव ने अमृतसर, जालंधर और लुधियाना में कानून-व्यवस्था संबंधी समीक्षा बैठकें और आउटरीच सत्रों की अध्यक्षता की

पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को नशा, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश

डीजीपी ने एसएचओ सहित सभी रैंकों के अधिकारियों से सीधी बातचीत की

Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, आगामी स्वतंत्रता दिवस-2025 के शांतिपूर्ण उत्सव को सुनिश्चित करने के मद्देनज़र, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज पुलिस बल को मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी और आतंकवाद-रोधी रणनीतियों की समीक्षा की। साथ ही, उन्होंने सीमावर्ती राज्य में किसी भी कानून-व्यवस्था के उल्लंघन को रोकने के लिए अंतर-जिला तालमेल, उच्च-स्तरीय नाके और हर समय निगरानी रखने के निर्देश जारी किए।

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डीजीपी पंजाब अमृतसर, जालंधर और लुधियाना के पुलिस आयुक्तों तथा पुलिस रेंजों – बॉर्डर, जालंधर, लुधियाना और रूपनगर के अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था संबंधी समीक्षा बैठकें और आउटरीच सत्रों की अध्यक्षता करने के लिए दौरे पर थे। उन्होंने राज्य में चल रही नशा-विरोधी मुहिम ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ और गैंगस्टरों व संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई की प्रगति की भी समीक्षा की। नशे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस रवैये की पुष्टि करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने जिला पुलिस प्रमुखों को एनडीपीएस एक्ट को सख्ती, पारदर्शिता और बिना किसी समझौते के लागू करने के निर्देश दिए। ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ मुहिम की प्रगति की सराहना करते हुए उन्होंने जिला अधिकारियों को राज्य से नशे की जड़ समाप्त करने के लिए इस मुहिम को और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत वित्तीय जांच करने और हवाला ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई कर नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के निर्देश भी दिए।

आगामी स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने सभी सीपी/एसएसपी को सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित कर शांति और सद्भाव बनाए रखने, डोमिनेशन ऑपरेशनों को तेज करने और अन्य रोकथाम व खुफिया उपायों को बढ़ाने के निर्देश दिए।

डीजीपी ने कहा कि इस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस कर्मी किसी भी संभावित खतरे या गतिविधि को रोकने के लिए विशेषकर रात के समय नियमित गश्त और चेकिंग करेंगे। उन्होंने सीपी/एसएसपी को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में पुलिस नाकों में वृद्धि करने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, हॉटस्पॉट और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा। इस दौरान, आउटरीच सत्र के तहत डीजीपी पंजाब ने स्टेशन हाउस ऑफिसरों (एसएचओ) सहित सभी रैंकों के अधिकारियों से सीधे संवाद किया और अंतर-जिला तालमेल को मजबूत करने तथा ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए खुली चर्चा व महत्वपूर्ण क्षेत्रीय जानकारी के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया।

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इस बैठक में पुलिस आयुक्त (सीपी) जालंधर रेंज धनप्रीत कौर, सीपी अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, सीपी लुधियाना स्वप्न शर्मा, डीआईजी जालंधर रेंज नवीन सिंगला, डीआईजी रूपनगर रेंज हरचरण सिंह भुल्लर, डीआईजी बॉर्डर रेंज नानक सिंह, एसएसपी अमृतसर ग्रामीण मनिंदर सिंह, एसएसपी गुरदासपुर अदित्य, एसएसपी बटाला सुहैल कासिम मीर, एसएसपी जालंधर ग्रामीण हरविंदर सिंह वीरक, एसएसपी कपूरथला गौरव तूरा, एसएसपी होशियारपुर संदीप मलिक, एसएसपी पठानकोट दिलजिंदर सिंह ढिल्लों, एसएसपी एसबीएस नगर महिताब सिंह, एसएसपी खन्ना डॉ. ज्योति यादव, एसएसपी जगराओं अंकुर गुप्ता, एसएसपी रूपनगर गुलनीत सिंह खुराना, एसएसपी एसएएस नगर हरमनदीप हंस और एसएसपी फतेहगढ़ साहिब शुभम अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी शामिल थे।