Patna News: विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधीन पटना में कार्यरत राष्ट्रीय डॉल्फिन शोध केंद्र में पौधारोपण और जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजनों में जागरूकता बढ़ाना और पृथ्वी के प्रति अपने कर्तव्यों को समझना था।

कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न फलों के पौधों को लगाकर की गई। आयोजकों का मानना है कि इन पौधों से भविष्य की पीढ़ियों को पर्यावरणीय और पोषण लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय डॉल्फिन शोध केंद्र के अंतरिम निदेशक डॉ. गोपाल शर्मा (Dr. Gopal Sharma) ने पृथ्वी दिवस 2025 की थीम “हमारी शक्ति, हमारा गृह” पर आधारित व्याख्यान में कहा कि आज हमारे पास जो शक्ति है, उसका सदुपयोग पृथ्वी को बचाने में होना चाहिए।
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हाजीपुर स्थित एसएन कॉलेज में जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि ऑक्सीजन की महत्ता आईसीयू में भर्ती मरीज से बेहतर कोई नहीं समझ सकता है। इसलिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक पेड़ लगाओ, सौ जान बचाओ।
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पटना विश्वविद्यालय में जंतु विज्ञान के प्रो. जीबी चांद ने कहा कि पृथ्वी की रक्षा सामूहिक दायित्व है। पिछले दशकों में संसाधनों का अत्यधिक दोहन हुआ है, जिसे अब रोकने की जरूरत है। हर वर्ग की सहभागिता से ही पृथ्वी के पर्यावरण को संतुलित रखा जा सकता है।

