Noida

Noida-ग्रेटर नोएडा में धारा 163 लागू..ये काम गलती से भी मत करना

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट दिल्ली NCR नोएडा
Spread the love

Noida-ग्रेटर नोएडा में लागू हुई धारा 163, इन कामों पर रहेगी रोक

Noida News: नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए बड़ी और जरूरी खबर सामने आ रही है। आपको बता दें कि नए साल और किसानों के प्रदर्शन को लेकर नोएडा पुलिस (Noida Police) अलर्ट मोड पर है। इसी को लेकर कमिश्ननरेट ने अगले तीन दिनों के लिए गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) में धारा 163 लागू कर दी गई है। जिससे नए साल पर बवाल काटने वाले हुड़दंगियों पर भी लगाम लगाई जा सके।
ये भी पढ़ेंः Greater Noida West: 14 साल बाद इस सोसायटी की होगी रजिस्ट्री

Pic Social Media

5 या पांच से ज्यादा लोग एकत्र नहीं हो सकेंगे

जिले में धारा 163 (Section 163) लागू होने के बाद भी अगर लोग सार्वजनिक स्थान पर एकत्र होते हैं तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। इस पर जिलाधिकारी तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं। सोमवार को ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के जीरो प्वाइंट पर भी किसानों ने महापंचायत की। साथ ही अगले तीन दिनों तक शहर में नए साल को लेकर युवाओं की भीड़ जुटेगी। जिसको देखते हुए गौतमबुद्ध नगर में धारा 163 लागू की गई है। जिले में 1 जनवरी तक धारा 163 लागू रही। इस धारा तहत लागू निषेधाज्ञा अवधि के दौरान बिना अनुमति के 5 या पांच से ज्यादा लोग एकत्र नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही जुलूस निकालने पर भी पाबंदी रहेगी।

ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25

प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य

प्रशासन से अनुमति लिए बिना कोई कार्यक्रम या जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा। गौतमबुद्ध नगर जिले में धारा 163 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई समूह या संगठन बिना अनुमति लिए सार्वजनिक स्थान पर एकत्र होता है या विरोध प्रदर्शन-जुलूस निकालता है तो जिलाधिकारी इस मामले में तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे। जारी आदेश में यह साफ कहा गया है।

ये भी पढ़ेंः New Year Party: नोएडा के इस रेस्टोरेंट में 199 रुपए में अनलिमिटेड लज़ीज खाना

जानिए धारा 163 को

आपको बता दें कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) को साल 2023 के 1 जुलाई से लागू कर दिया गया है। इसके तहत प्रशासन को धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के अधिकार मिले हैं। पहले इसे भारतीय दंड संहिता में धारा 144 के नाम से जाना जाता था। धारा 163 के तहत स्थानीय प्रशासन किसी इमरजेंसी या किसी बड़ी परेशानी को नियंत्रित करने के लिए इसे किसी खास क्षेत्र या पूरे जिले में लागू कर सकता है।