Noida: पाकिस्तान से तनाव के बीच नोएडा में रेड अलर्ट घोषित, इन इलाकों में हो रही है चेकिंग
Noida News: भारत और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर देश की सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट मोड पर ला दिया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा में भी रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। साथ ही नोएडा (Noida) में जिला प्रशासन, पुलिस और फायर विभाग (Fire Department) ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयार कर ली है। शुक्रवार को जिला प्रशासन ने 50 बेड से ज्यादा क्षमता वाले 62 अस्पतालों के संचालकों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें विषम परिस्थितियों और आपदा के समय रणनीति पर मंथन हुआ।

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नोएडा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आपको बता दें कि नोएडा (Noida) में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। पुलिस ने सीमाओं पर जांच अभियान तेज कर दी है, और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। फायर विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही अस्पतालों को आपदा प्रबंधन के लिए ट्रेनिंग और संसाधन उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में फायर, बिल्डिंग कोलैप्स और इवैक्यूएशन जैसे हालातों से बचने के लिए रणनीति बनाई गई। इस बैठक में ADM, ACP, CISF के अधिकारी, CMO और CFO भी मौजूद रहे। बैठक में सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि वे किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार रहें और अपनी व्यवस्थाओं को अपडेट रखें। नोएडा में 50 बेड से ज्यादा क्षमता वाले कुल 62 अस्पताल हैं, और सभी को इस बैठक में शामिल किया गया।
इस बैठक में अस्पतालों को बताया गया कि अगर शहर पर हमला होता है तो उन्हें क्या करना है। उन्हें आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित निकालने के बारे में भी जानकारी दी गई। बिल्डिंग गिरने की स्थिति में भी उन्हें तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही CISF के अधिकारियों ने अस्पतालों को सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में कैसे सुरक्षित रहना है। अधिकारियों ने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। लोगों को सिर्फ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
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नोएडा के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) प्रदीप कुमार के मुताबिक हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। अस्पतालों के साथ समन्वय बैठाकर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी आपदा के दौरान तुरंत और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने कहा कि फायर, बिल्डिंग कोलैप्स और इवैक्यूएशन जैसे हालातों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिससे मरीजों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
गाजियाबाद में धारा 163 लागू
इसके साथ ही गाजियाबाद में धारा 163 बीएनएसएस लागू कर दी गई है और कई इलाके में रेड जोन घोषित हुए हैं। गाजियाबाद पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक वर्तमान में भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच सीमा पर चल रहे विवाद को लेकर सुरक्षा कारणों से विभिन्न उग्रवादी, आतंकवादी, असामाजिक तत्वों के ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट बैलून अन्य उड़ने वाली वस्तुओं से आशंकित खतरों से दृष्टिगत ऐसे तत्वों तथा उड़ने वाली वस्तुओं पर प्रभावी अंकुश लगाना आवश्यक है।
फोटोग्राफी पर भी रोक
कानून और शांति व्यवस्था की गंभीरता एवं तत्कालिकता को देखते हुए कमिश्नरेट गाजियाबाद में धारा 163 बीएनएसएस लगाई गई है। थाना क्षेत्र कोतवाली, कवि नगर, लिंक रोड, साहिबाबाद, टीला मोड़, ट्रॉनिका सिटी, लोनी, मुरादनगर मोदीनगर नो ड्रोन क्षेत्र और अस्थाई रेड जोन घोषित कर दिया गया है। किसी भी राजकीय कार्यालय और अन्य स्थानों पर पुलिस उपयुक्त के अनुमति के बिना कोई फोटोग्राफी नहीं की जाएगी।
