Supertech: नोएडा (उत्तर प्रदेश) — राष्ट्रीय कंपनी अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने Supertech EcoCity Pavilion परियोजना के एओए (एग्रिमेंट ऑफ़ असोसिएशन) को 30 दिनों के भीतर होल्डर और रेजीडेंट्स को सौंपने का आदेश दिया है। यह निर्णय Supertech द्वारा विकसित इस प्रोजेक्ट में फ्लैट मालिकों के अधिकारों को लेकर विवाद सुलझाने के लिए लिया गया है।
एनसीएलएटी ने कहा है कि परियोजना में AOA अब तक नहीं सौंपे जाने से plot मालिक परेशान हैं और उनका अधिकार प्रभावित हुआ है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह सब 30 दिनों के भीतर पूरे तरीके से पूरा किया जाए।
क्या है AOA और क्यों जरूरी है?
AOA यानी Agreement of Association एक वैध दस्तावेज है, जिसमें पूरी सोसायटी के नियम-कानून, मेंबरशिप, प्रशासन, प्रॉपर्टी के उपयोग की शर्तें शामिल होती हैं।
जब लोग किसी फ्लैट या प्लॉट खरीदते हैं, तो उन्हें AOA मिलना चाहिए ताकि वे सोसायटी के नियमों को जान सकें और अपनी परियोजना में हिस्सेदारी दर्ज करा सकें।
एनसीएलएटी ने यह माना कि बिना AOA के मालिकों के अधिकार अधूरे हैं। ऐसे में अदालत ने Supertech और EcoCity Pavilion के डेवलपर को यह आदेश दिया है।
कोर्ट का आदेश और समय सीमा
एनसीएलएटी ने साफ कहा कि AOA 30 दिनों के भीतर प्लॉट मालिकों को सौंपे जाएं। यदि ऐसा नहीं किया गया तो अदालत के निर्देशों के खिलाफ माना जाएगा और डेवलपर के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
प्लॉट मालिकों और रेजीडेंट्स को राहत देते हुए अदालत ने कहा है कि इससे मालिकों को अपने प्रोजेक्ट के प्रशासन में शामिल होने और नियमों की जानकारी मिलने में आसानी होगी।
प्लॉट मालिकों की प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद नोएडा के EcoCity Pavilion के कई मालिकों ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि अब उन्हें अपने प्रोजेक्ट के नियम-कानून, मेंटेनेंस फीस, सोसायटी चुनाव और फैसले लेने की प्रक्रिया को कानूनी रूप से जानने का अधिकार मिलेगा।
एक निवासी ने कहा कि AOA मिलने से अब हम अपने घर के प्रशासन में बराबर का हिस्सा रख पाएंगे। इससे पहले कई महीने तक हमें AOA नहीं मिला था, जिससे कई फैसलों में हमारी भागीदारी सम्भव नहीं हो पाती थी।
क्या रहा मामला पिछली पृष्ठभूमि?
EcoCity Pavilion प्रोजेक्ट पहले से ही विवादों में रहा है। AOA समय पर न सौंपे जाने पर कई बार कोर्ट में मामले चल चुके हैं। अधिकारियों का मानना है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि डेवलपर और रेजीडेंट्स के बीच बातचीत को अंतिम रूप नहीं दिया गया था।
अब जब एनसीएलएटी ने स्पष्ट आदेश दे दिए हैं, तो उम्मीद है कि मामला शांत हो जाएगा और आगे के सभी फॉर्मलिटीज़ भी जल्द पूरी की जाएंगी।
सोसायटी के फायदे
AOA मिलने के बाद मालिक अपने सामान्य प्रशासन, मेन्टेनेंस, फंड उपयोग, चुनाव प्रक्रियाओं और शिकायत निपटान जैसी बातों में आगे प्रभावी ढंग से भाग ले सकेंगे। अदालत का यह कदम रेजीडेंट्स के अधिकारों पर बल देता है और उन्हें अपने घर के प्रशासन में अधिकार देता है।
