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Noida: नोएडा में Ice Cream बेचने वाले को 1.8 करोड़ का पैकेज, वायरल वीडियो की सच्चाई जानिए

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Noida में एक आइसक्रीम विक्रेता को 1.8 करोड़ रुपये के पैकेज पर नौकरी मिलने का वीडियो वायरल हुआ

Noida News: ग्रेटर नोएडा के IIMT कॉलेज से जुड़े एक वीडियो ने सोशल मीडिया (Social Media) पर खूब सुर्खियां बटोरीं। वीडियो में दावा किया गया कि कॉलेज (College) का पोस्टर, जिसमें 1.8 करोड़ रुपये के पैकेज पर नौकरी मिलने की जानकारी दी गई है, दरअसल उसी युवक का है जो सड़क किनारे आइसक्रीम बेचता है। यह वीडियो वायरल होते ही कॉलेज और छात्र की छवि पर सवाल उठने लगे। लेकिन, फैक्ट चेक में इस वीडियो की जांच की तो हकीकत सामने आई। पढ़िए पूरी खबर…

वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए एक वीडियो में दावा किया गया कि IIMT कॉलेज के पोस्टर में जिस छात्र को 1.8 करोड़ रुपये के पैकेज पर नौकरी मिलने की बात कही गई है, वह असल में आइसक्रीम बेचता है। इस वीडियो ने कॉलेज और छात्र की छवि पर सवाल उठाए। वीडियो में लोग मजाक में कहते नजर आए कि कॉलेज ने फर्जी दावे किए और छात्र की तस्वीर बिना अनुमति के इस्तेमाल की। यह वीडियो देखते ही देखते लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

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Pic Social Media

फैक्ट चेक में सामने आया सच

एक निजी चैनल की फैक्ट चेक टीम ने इस वीडियो की पड़ताल की, जिसमें यह भ्रामक पाया गया। वीडियो में दिखने वाला युवक शैलेंद्र, इटावा का रहने वाला एक आइसक्रीम विक्रेता है, जिसका IIMT कॉलेज से कोई संबंध नहीं है। शैलेंद्र ने कहा कि उसके दोस्तों ने सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए यह वीडियो मजाक में बनाया था। उसे नहीं पता था कि यह इतना वायरल हो जाएगा। शैलेंद्र ने इस घटना के लिए पुलिस और कॉलेज प्रशासन से माफी मांगी और वादा किया कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी।

कॉलेज प्रशासन का कड़ा रुख

IIMT कॉलेज के डायरेक्टर जनरल अंकुर जौहरी ने इस मामले पर सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्वों ने जानबूझकर कॉलेज की छवि को धूमिल करने के लिए यह फर्जी वीडियो बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टर में दिखने वाला युवक कॉलेज का एक होनहार छात्र है, जिसे लंदन की एक प्रतिष्ठित कंपनी में उच्च पैकेज पर नौकरी मिली है। जौहरी ने पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस की कार्रवाई

थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद शैलेंद्र को पूछताछ के लिए बुलाया। शैलेंद्र ने स्वीकार किया कि वीडियो उसके दोस्तों ने मजाक में बनाया था। उसने अपनी गलती के लिए माफी मांगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया। पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना सत्यापन के किसी भी वायरल वीडियो पर भरोसा न करें और अफवाहें फैलाने से बचें।

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सोशल मीडिया पर बढ़ती चिंता

यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना, जहां कई यूजर्स ने निजी कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों पर फर्जी प्लेसमेंट दावों का आरोप लगाया। एक यूजर ने लिखा, ‘यह कोचिंग माफिया का पुराना खेल है।’ इस घटना ने निजी शिक्षण संस्थानों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। लेकिन, इस मामले में IIMT कॉलेज ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे बदनाम करने की साजिश बताया।