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Noida Airport: इस तरह की लग्जरी बस आपको सीधे ले जाएगी नोएडा एयरपोर्ट

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Noida Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक लग्ज़री बसें चलाने की राह साफ हो गई है।

Noida Airport: जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) तक अब यात्रियों के लिए लग्जरी बस सेवा (Luxury Bus Service) शुरू होने जा रही है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में इस सेवा के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। लेह-लद्दाख के बाद यमुना सिटी देश का दूसरा शहर होगा, जहां हाइड्रोजन बसें (Hydrogen Buses) चलेंगी। इन अत्याधुनिक बसों से पॉल्यूशन नहीं बल्कि केवल पानी की भाप निकलेगी। इस प्रस्ताव को यमुना प्राधिकरण बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। पढ़िए पूरी खबर…

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पॉल्यूशन की जगह निकलेगी पानी की भाप

आपको बता दें कि नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) की ओर से यमुना सिटी में हाइड्रोजन बसें (Hydrogen Buses) चलाने का प्रस्ताव दिया गया था। इस परियोजना के तहत शहर को ग्रीन ट्रांसपोर्ट मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। शुरुआत में एनटीपीसी तीन लग्जरी एसी बसें चलाएगा, जिनमें 45 सीटें होंगी। ये बसें एक बार हाइड्रोजन भरने पर करीब 600 किलोमीटर की दूरी तय कर सकेंगी। इनसे किसी प्रकार का धुआं या पॉल्यूशन नहीं निकलेगा, बल्कि केवल पानी की भाप उत्सर्जित होगी।

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15 नवंबर से शुरू होगी बस सेवा

एनटीपीसी की ओर से पहले हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन का ट्रायल किया जाएगा, जिसके बाद 15 नवंबर से बस सेवा शुरू करने की योजना है। यह पूरी परियोजना एनटीपीसी के ‘ग्रीन एनर्जी मिशन’ का हिस्सा है। इस पहल से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि क्षेत्र को हरित विकास के मॉडल के रूप में भी पहचान मिलेगी।

एनटीपीसी बनाएगी हाइड्रोजन ईंधन

एनटीपीसी बसों में ईंधन भरने और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा, जबकि ड्राइवर और कंडक्टर की व्यवस्था यमुना विकास प्राधिकरण करेगा। हाइड्रोजन ईंधन एनटीपीसी के ग्रेटर नोएडा प्लांट में तैयार किया जाएगा। खास बात यह है कि यह हाइड्रोजन शोधित किए गए गंदे पानी से बनाया जाएगा। यह प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ जल पुनर्चक्रण की दिशा में भी अहम कदम साबित होगी।

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तीन साल का पायलट प्रोजेक्ट

यह परियोजना शुरुआती तौर पर तीन साल के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही है। इस दौरान ईंधन भरने और रखरखाव की जिम्मेदारी एनटीपीसी की रहेगी, जबकि परिचालन संबंधी जिम्मेदारी यमुना प्राधिकरण के पास होगी। यदि यह योजना सफल रही, तो भविष्य में इसे दिल्ली-एनसीआर के अन्य हिस्सों तक भी विस्तारित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से यमुना सिटी को ग्रीन ट्रांसपोर्ट हब के रूप में नई पहचान मिलेगी।

एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से जुड़ेगा नेटवर्क

जेवर में बन रहे नोएडा एयरपोर्ट (Noida Airport) की सड़कें, एक्सप्रेसवे और हाइवे से मजबूत कनेक्टिविटी होगी। यहां भविष्य में यातायात का दबाव नोएडा और ग्रेटर नोएडा से भी अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में हाइड्रोजन बसें पॉल्यूशन नियंत्रण और स्वच्छ वायु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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यमुना प्राधिकरण और यूपी रोडवेज मिलकर चलेंगी बसें

यमुना विकास प्राधिकरण (Yamuna Development Authority) के एसीईओ नागेंद्र सिंह ने कहा कि ये बसें प्राधिकरण के पुराने रूट्स पर चलेंगी, लेकिन अब इनमें एयरपोर्ट कनेक्टिविटी भी जोड़ी जाएगी। बसें यमुना सिटी के सेक्टरों, बस स्टैंड, सूरजपुर पुलिस मुख्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय तक चलेंगी। इनका संचालन यमुना प्राधिकरण और यूपी रोडवेज (UPRTC) मिलकर करेंगे, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिल सके।