Punjab

Punjab में दिल के मरीजों के लिए नई उम्मीद, स्टैमी प्रोजेक्ट का पूरे राज्य में विस्तार

पंजाब राजनीति
Spread the love

Punjab सरकार ने दिल की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

Punjab News: पंजाब सरकार ने दिल की गंभीर बीमारियों (Serious Heart Diseases) से जूझ रहे मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह (Minister Dr. Balbir Singh) ने पंजाब स्टैमी प्रोजेक्ट के राज्यव्यापी विस्तार का उद्घाटन किया। पढ़िए पूरी खबर…

Pic Social Media

आपको बता दें कि इस पहल के तहत सभी 23 जिलों के जिला और उप-मंडल अस्पतालों को दिल के दौरे (एसटी-एलिवेटेड मायोकार्डियल इन्फार्क्शन या स्टैमी) के मरीजों की जान बचाने के लिए तुरंत थ्रोम्बोलायसिस इलाज प्रदान करने की सुविधा से लैस किया गया है। इस प्रोजेक्ट को मिशन अमृत (एक्यूट मायोकार्डियल रीपरफ्यूजन इन टाइम) के नाम से भी जाना जाता है, जिसका उद्देश्य गंभीर दिल के दौरे के मरीजों को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराना है।

ये भी पढ़ेंः Punjab में फायर NOC नियमों में बड़ा बदलाव, मान सरकार की नई औद्योगिक नीति से लोगों को मिलेंगी राहत

30 हजार रुपये का इंजेक्शन मुफ्त

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह (Minister Dr. Balbir Singh) ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल और दयानंद मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. बिशव मोहन के साथ इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि टैनैकटेप्लेस इंजेक्शन, जिसकी कीमत करीब 30 हजार रुपये है, इस प्रोजेक्ट के तहत मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। यह इंजेक्शन दिल में खून के थक्कों को घोलने में मदद करता है, जिससे मरीज की जान बचाने में सहायता मिलती है।

Pic Social Media

पायलट प्रोजेक्ट की सफलता

पंजाब स्टैमी प्रोजेक्ट (Punjab STAM Project) को पहले पायलट आधार पर लुधियाना और पटियाला में लागू किया गया था, जिसके बाद इसे नौ अन्य जिलों में विस्तार दिया गया। इस दौरान लगभग 14,000 छाती दर्द के मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें से 1,305 स्टैमी मरीजों की पहचान हुई। इनमें से 583 मरीजों को जिला अस्पतालों में थ्रोम्बोलायसिस इलाज देकर उनकी जान बचाई गई। इस सफलता के बाद अब प्रोजेक्ट को पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है।

समय पर इलाज की अहमियत

डॉ. बलबीर सिंह (Dr. Balbir Singh) ने कहा कि पंजाब में छाती दर्द के मरीजों को अक्सर इलाज में देरी का सामना करना पड़ता है। आमतौर पर लक्षण शुरू होने के 2-3 घंटे बाद ही मरीज मूलभूत चिकित्सा तक पहुंच पाते हैं। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य समय पर इलाज सुनिश्चित करना है, जिससे दिल के दौरे के गंभीर मामलों में मरीजों की जान बचाई जा सके।

ये भी पढ़ेंः Punjab: CM भगवंत मान का बड़ा तोहफा, वेतन में की भारी बढ़ोतरी

मरीजों के लिए नई उम्मीद

पंजाब सरकार (Punjab Government) की यह पहल दिल के मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। मुफ्त इंजेक्शन और त्वरित चिकित्सा सुविधाओं के साथ, यह प्रोजेक्ट न केवल जान बचाएगा, बल्कि मरीजों के जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएगा।