New Airlines: भारत के आकाश में जल्द ही नई उड़ानों की हलचल बढ़ने वाली है।
New Airlines: भारत के आकाश में जल्द ही नई उड़ानों की हलचल बढ़ने वाली है। केंद्र सरकार ने तीन नई एयरलाइंस को मंजूरी दे दी है, जिससे घरेलू विमानन बाजार में लंबा इंतजार खत्म होने वाला है। डीजीसीए द्वारा सभी जरूरी मानकों और निरीक्षणों को पूरा करने के बाद ये एयरलाइंस यात्रियों को तेज, सस्ती और भरोसेमंद सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। अगर आप उड़ानों के शौकीन हैं या सस्ती और सुविधाजनक यात्रा की तलाश में हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद रोमांचक साबित होने वाली है।
मौजूदा बाजार में दो बड़ी एयरलाइंस का दबदबा
आपको बता दें कि वर्तमान समय में भारत के घरेलू उड्डयन क्षेत्र में मुख्य रूप से दो बड़ी एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया का वर्चस्व है। इंडिगो के पास करीब 50 प्रतिशत उड़ान संचालन का नियंत्रण है, जबकि एयर इंडिया घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में तेजी से विस्तार कर रही है। स्पाइसजेट, अकासा और एलायंस एयर जैसी कंपनियों की मौजूदगी के बावजूद परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण बाजार का बड़ा हिस्सा इन्हीं दो कंपनियों पर निर्भर है।
हाल ही में इंडिगो की कई उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसके बाद घरेलू विमानन क्षेत्र में अधिक विकल्प बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई। इसी प्रयास के तहत सरकार ने तीन नई एयरलाइन कंपनियों को मंजूरी प्रदान की है। नई एयरलाइंस शंख एयर, अल-हिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस आने वाले समय में यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराएंगी।

1- शंख एयर
शंख एयर उन तीन नई एयरलाइंस में शामिल है जिन्हें घरेलू बाजार में प्रवेश की मंजूरी मिली है। सितंबर 2024 में इसे नागर विमानन मंत्रालय से संचालन की अनुमति और डीजीसीए से एनओसी मिल चुका है। संभावना है कि शंख एयर 2026 की पहली तिमाही में अपनी उड़ानें शुरू करेगी।
कंपनी की स्थापना 2023 में श्रवण कुमार विश्वकर्मा ने की थी। शंख एयर का ध्येय वाक्य ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ है। इसे प्रदेश-आधारित एयरलाइन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका संचालन केंद्र लखनऊ और नोएडा होगा। एयरलाइन लखनऊ, वाराणसी, आगरा और गोरखपुर के बीच सस्ती दरों पर कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना बना रही है।
कंपनी बोइंग के नई पीढ़ी के विमानों का उपयोग करने की योजना बना रही है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शंख एयर फुल-सर्विस कैरियर के रूप में काम करेगी और अगले दो से तीन वर्षों में 20–25 विमानों का बेड़ा तैयार करने का लक्ष्य रखती है।
शंख एयर के मालिक श्रवण कुमार विश्वकर्मा हैं, जो शंख एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रोप्राइटर भी हैं। यह कंपनी 2022 में स्थापित हुई थी और निर्माण से जुड़े उत्पादों, सेरेमिक्स, कॉन्क्रीट एवं होलसेल ट्रेडिंग के व्यवसाय में सक्रिय है।

2- अल-हिंद एयर
नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने अल-हिंद एयर को संचालन मंजूरी प्रदान की है। यह एयरलाइन केरल केंद्रित होगी और अगले वर्ष की शुरुआत में सेवाएं शुरू कर सकती है। कंपनी का संचालन अल-हिंद ग्रुप द्वारा किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 1992 में अल-हिंद टूर एंड ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड से हुई थी।
अल-हिंद एयर प्रारंभिक चरण में एटीआर विमानों के साथ घरेलू उड़ानें संचालित करेगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय मार्गों के लिए एयरबस A320 विमान शामिल किए जाएंगे। कंपनी का पहला फोकस दक्षिण भारत रहेगा, जहां कोच्ची से बंगलूरू, तिरुवनंतपुरम और चेन्नई के लिए उड़ानों का विस्तार किया जाएगा। इसके बाद खाड़ी देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शुरू की जाएंगी।
एयरलाइन पहले वर्ष में सात विमानों को शामिल करने की योजना बना रही है। आगे चलकर 40 भारतीय शहरों को जोड़ने और 20 विमानों के साथ अंतरराष्ट्रीय संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। कंपनी का कहना है कि केरल से हज और उमराह यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत और यूएई में पहले से ही मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार है।
अल-हिंद ग्रुप के प्रमोटर मोहम्मद हारिस हैं। समूह का एयर टिकटिंग कारोबार लगभग 600 करोड़ रुपये प्रति माह का बताया जाता है, जबकि कुल टर्नओवर करीब 20 हजार करोड़ रुपये का है। समूह का 60 प्रतिशत टिकटिंग बिज़नेस खाड़ी देशों से जुड़ा है, जिसके कारण एयरलाइन संचालन के सफल होने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

3- फ्लाईएक्सप्रेस
फ्लाईएक्सप्रेस तीसरी कंपनी है जिसे केंद्र सरकार की ओर से संचालन स्वीकृति मिली है। यह एयरलाइन हैदराबाद स्थित फ्लाईएक्सप्रेस कोरियर एंड कार्गो सर्विसेज से जुड़ी बताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय कूरियर के क्षेत्र में फ्लाईएक्सप्रेस को 15 साल से अधिक का अनुभव है। कंपनी के प्रमुख के रूप में कोनकाती सुरेश का नाम सामने आया है। फिलहाल इसके बेड़े, रूट नेटवर्क और कॉर्पोरेट संरचना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं है, लेकिन इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द सेवाएं शुरू करने का उल्लेख किया गया है।
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शुरू करने के लिए कितने पैसे चाहिए?
एविएशन सेक्टर दुनिया के सबसे महंगे बिजनेस में गिना जाता है, यानी इसे शुरू करने के लिए बहुत बड़ा निवेश जरूरी होता है। भारत का एविएशन सेक्टर विश्व का 9वां सबसे बड़ा एविएशन मार्केट है। भारत में एयरलाइन शुरू करने के लिए अनुमानित तौर पर 500 करोड़ रुपये से लेकर 1500 करोड़ रुपये तक की लागत लग सकती है। इसमें प्लेन खरीदना या लीज पर लेना, स्टाफ रखना, टेक्निकल टीम का इंतजाम, ईंधन का खर्च और मेंटेनेंस जैसी सभी जरूरतें शामिल हैं। इसलिए यह बिजनेस मुख्यतः वही कंपनियां शुरू कर पाती हैं जो पहले से ही मजबूत वित्तीय स्थिति में हों। स्टार्टअप के लिए यह बिजनेस आइडिया काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
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एयरलाइन लाइसेंस कैसे मिलता है?
भारत में कोई भी एयरलाइन शुरू करना चाहता है, तो उसे DGCA (Directorate General of Civil Aviation) से अनुमति लेना जरूरी होता है। इसमें कई जरूरी प्रक्रियाएं शामिल हैं, जैसे पायलट और एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट, टेक्निकल स्टाफ की योग्यता परीक्षण, और सेफ्टी ऑडिट। यह पूरी प्रक्रिया कई चरणों में होती है और सभी मानकों को पास करना अनिवार्य होता है। एक एयरलाइन का लाइसेंस मिलने में लगभग 18 महीने से 3 साल का समय लग सकता है। इसके अलावा, मंजूरी मिलने के बाद भी एयरलाइन के लिए अपनी सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता बनाए रखना अनिवार्य होता है।
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वर्तमान में संचालित नौ घरेलू एयरलाइंस
वर्तमान में भारत में नौ प्रमुख घरेलू एयरलाइंस संचालित हो रही हैं। इनमें सबसे बड़ी और लोकप्रिय एयरलाइन इंडिगो है, जिसके बाद एयर इंडिया और इसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस आती हैं। इसके अलावा घरेलू उड़ानों में एलायंस एयर, अकासा एयर, स्पाइसजेट, स्टार एयर, फ्लाई91 और इंडियावन एयर भी यात्रियों को सेवाएं प्रदान कर रही हैं। ये सभी एयरलाइंस देश के विभिन्न शहरों को जोड़ते हुए घरेलू विमानन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
