Jharkhand

Jharkhand में प्राकृतिक खेती को मिला नया बल, CM हेमंत सोरेन के विजन से किसान होंगे समृद्ध

झारखंड राजनीति
Spread the love

Jharkhand के सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हेमंत सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Jharkhand News: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के नेतृत्व में हेमंत सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की (Minister Shilpi Neha Tirkey) ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों (Farmers) को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बनाए रखेगी। सीएम के ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के विजन को साकार करने के लिए राज्य में चार हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती का लक्ष्य रखा गया है, जो आने वाले समय में और बढ़ेगा। पढ़िए पूरी खबर…

Pic Social Media

कम खर्च, ज्यादा मुनाफा

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की (Minister Shilpi Neha Tirkey) ने पशुपालन निदेशालय सभागार में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती कम लागत में अधिक उत्पादन और अधिक मुनाफा देने वाली विधि है। यह मौसम की मार (भारी बारिश, तूफान) से भी फसल को कम नुकसान पहुंचाती है। रासायनिक खेती से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए सीएम हेमंत सोरेन की सरकार इसे एक जन आंदोलन बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

जैविक और प्राकृतिक खेती में अंतर समझें किसान

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की (Minister Shilpi Neha Tirkey) ने किसानों से अपील की कि वे जैविक खेती और प्राकृतिक खेती के बीच के अंतर को अच्छी तरह समझें। उन्होंने कहा कि किसान खुद प्राकृतिक खेती के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों से हम अनजाने में जहर खा रहे हैं, इसे रोकने के लिए प्राकृतिक खेती ही स्थायी समाधान है।

Pic Social Media

ये भी पढ़ेंः Jharkhand: हेमंत सरकार की पहली वर्षगांठ पर जनता को तोहफ़ा, सेवा अधिकार सप्ताह से मिल रही राहत

बेहतरीन क्लस्टर को मिलेगा एक लाख रुपये का इनाम

सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के निर्देश पर सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कदम उठा रही है। एक साल में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्लस्टर को एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही ओफाज के अधिकारियों को प्राकृतिक खेती की नियमित निगरानी और सालाना रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिससे भविष्य की योजनाएं और मजबूत बनाई जा सकें।

ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25

एक्सपर्ट की राय और आर्थिक लाभ

कार्यशाला में मुख्य वक्ता रहे आंध्र प्रदेश के पूर्व आईएएस अधिकारी और प्राकृतिक खेती एक्सपर्ट टी. विजय कुमार ने कहा कि प्राकृतिक खेती आधुनिक विज्ञान है। इससे पानी मिट्टी में गहराई तक जाता है और किसान आसानी से 15 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह कमा सकते हैं। उन्होंने झारखंड सरकार और सीएम हेमंत सोरेन के इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

ये भी पढ़ेंः Jharkhand विधानसभा का 25वां स्थापना दिवस, CM हेमंत सोरेन और गवर्नर ने मनाया रजत जयंती समारोह

राज्य के 12 जिलों के 88 क्लस्टर से आई कृषि सखियों और किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला में विशेष सचिव प्रदीप हजारी, उद्यान निदेशक माधवी मिश्रा, समिति निदेशक विकास कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।