MP News: ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य प्रकटोत्सव, सीएम मोहन यादव ने किया शुभारंभ

मध्यप्रदेश
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MP News: मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य प्रकटोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाग लिया। यह आयोजन एकात्म धाम में किया गया, जहां देशभर से संत, विद्वान और श्रद्धालु पहुंचे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आदि शंकराचार्य के विचारों और अद्वैत वेदांत की शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाना है।

सीएम मोहन यादव ने किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि आदि शंकराचार्य ने भारतीय संस्कृति को एक नई दिशा दी थी। उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने और सही मार्ग दिखाने का काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि सरकार ऐसे आयोजनों के जरिए देश की आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सनातन संस्कृति पर दिया जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति की महानता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से है, जिसे संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ओंकारेश्वर जैसे पवित्र स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत के भी केंद्र हैं।

ओंकारेश्वर को बनाया जा रहा बड़ा धार्मिक केंद्र
सरकार ओंकारेश्वर को एक बड़े आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर काम कर रही है। यहां पहले से ही आदि शंकराचार्य से जुड़े कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिससे देश-विदेश के श्रद्धालु यहां आकर्षित हो रहे हैं। ओंकारेश्वर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसका धार्मिक महत्व भी बहुत बड़ा है।

युवाओं को जोड़ने पर खास ध्यान
इस आयोजन में युवाओं को भी जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया। विभिन्न सत्रों और चर्चाओं के माध्यम से यह बताया गया कि अद्वैत वेदांत आज के समय में भी कितना प्रासंगिक है। सरकार चाहती है कि युवा अपनी संस्कृति को समझें और उससे जुड़कर आगे बढ़ें।

संस्कृति और विकास साथ-साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास के साथ-साथ संस्कृति को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। धार्मिक स्थलों का विकास करने से न केवल आस्था मजबूत होती है, बल्कि पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।

भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत
यह आयोजन इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनेगा। सीएम ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन देश को एकता और सांस्कृतिक पहचान की नई दिशा देंगे।