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MP News: मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में डॉ. मोहन यादव की योजनाएँ

मध्यप्रदेश राजनीति
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MP News: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नेतृत्व वाली सरकार राज्य के अर्थ तंत्र (इकोनॉमी) को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कौटिल्य जैसे प्राचीन आर्थिक विचारकों के अनुसार राजा (नेता) का सुख प्रजा के सुख में निहित होता है और इसी सिद्धांत को अपनाते हुए मध्यप्रदेश की आर्थिक नीतियाँ विकसित की जा रही हैं।

आर्थिक प्रबंधन में नवाचार और सुदृढ़ बजट प्रक्रिया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में राज्य में बेहतर वित्तीय प्रबंधन लागू किया जा रहा है। सरकार ने शून्य आधारित बजट (Zero Based Budget) प्रक्रिया और रोलिंग बजट प्रणाली अपनाई है, जिससे बजट की गुणवत्ता और व्यय की योजना अधिक मजबूती से तैयार होती है। इस प्रक्रिया में नये वित्तीय नवाचार और मानकों को शामिल किया गया है, जिससे वित्तीय विश्वसनीयता बढ़ी है।

बजट का लक्ष्य और विकास योजनाएँ

मध्यप्रदेश सरकार ने अगले पाँच वर्षों में बजट का आकार दो गुना बढ़ाकर 7 लाख करोड़ रुपये तक करने का लक्ष्य रखा है। इसका उद्देश्य सड़क विस्तार, सिंचाई क्षमता में वृद्धि, ऊर्जा उत्पादन, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं में सुधार, उद्योग और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्र में प्रगति करना है। इस लक्ष्य के तहत पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को भी लगातार बढ़ाया जा रहा है।

MP News: राज्य की आर्थिक वृद्धि और सकल घरेलू उत्पाद

मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) पिछले वर्षों में नियमित रूप से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य का GSDP लगभग 15 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि इस वित्त वर्ष के अंत में यह अनुमानित 17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे राज्य की आर्थिक मजबूती और विकास क्षमता को पुष्टि मिलती है।

आधुनिक वित्तीय प्रणालियाँ और राजस्व वृद्धि

राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग (Commercial Tax) ने भी बेहतर राजस्व संग्रह किया है। वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 55,634 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था और 2025-26 में नवंबर तक 34,829 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हो चुका है। इसके अलावा डेटा-विश्लेषण आधारित प्रवर्तन कार्यवाहियों से अतिरिक्त आय भी प्राप्त हुई है।

MP News: ई-गवर्नेंस में प्रशासनिक सुधार

मध्यप्रदेश का पंजीयन विभाग अब वीडियो केवाईसी के जरिये 75 प्रकार के दस्तावेज़ों का पंजीकरण करवाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस सुधार को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2025 में स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है। इस प्रणाली से नागरिकों को घर बैठे पंजीकरण की सुविधा मिल रही है और राजस्व में भी वृद्धि हुई है।

आर्थिक सुधारों का व्यापक प्रभाव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आर्थिक नीतियाँ और नवीन वित्तीय कदम न केवल सरकारी खर्च और राजस्व संग्रह को बेहतर बना रहे हैं, बल्कि आम नागरिकों और निवेशकों के लिए भी मध्यप्रदेश को एक स्थिर, विश्वसनीय और विकास-अभिप्रेत राज्य के रूप में स्थापित कर रहे हैं।