Punjab News: पंजाब की Government of Punjab ने वित्तीय प्रशासन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भगवंत मान सरकार ने यूनिफाइड सैंक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (USMS) के तहत नया डिजिटल ई-सैंक्शन सिस्टम लॉन्च किया है। इस नई व्यवस्था के जरिए अब सरकारी विभागों में चल रही मैनुअल और कागजी मंजूरी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल वर्कफ्लो से बदला जाएगा। पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने चंडीगढ़ में इस ई-सैंक्शन मॉड्यूल का औपचारिक शुभारंभ किया।
डिजिटल प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह नया सिस्टम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि अब प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय मंजूरियां ऑनलाइन जारी की जाएंगी। इसके बाद बिल बनाने की मंजूरी भी ऑटोमैटिक तरीके से IFMS सिस्टम में भेजी जाएगी।
उन्होंने कहा कि मंजूरी प्रक्रिया के हर चरण का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिसमें उपयोगकर्ता की जानकारी, समय और मंजूरी की पूरी प्रक्रिया शामिल होगी। इससे ऑडिट ट्रेल मजबूत होगा और जवाबदेही भी बढ़ेगी। साथ ही सिस्टम पहले से बजट की उपलब्धता की जांच करेगा, जिससे अनावश्यक खर्च और वित्तीय गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
खत्म होगी मैनुअल और कागजी प्रक्रिया
सरकार का कहना है कि यह ई-सैंक्शन मॉड्यूल पुराने कागजी सिस्टम को पूरी तरह बदल देगा। इससे सरकारी विभागों में काम तेज और आसान होगा। अब सभी विभागों में मंजूरी आदेशों का फॉर्मेट और प्रक्रिया एक जैसी होगी, जिससे गड़बड़ियां और तकनीकी गलतियां कम होंगी।
इसके अलावा यह सिस्टम बजट, ट्रेजरी, बिल प्रोसेसिंग और भुगतान व्यवस्था के साथ सीधे जुड़ा रहेगा। इससे बार-बार डेटा भरने और मैनुअल हस्तक्षेप की जरूरत कम होगी। सरकार का दावा है कि इससे सरकारी कामकाज ज्यादा तेज और पारदर्शी बनेगा।
केंद्र सरकार से मिल सकता है 50 करोड़ का प्रोत्साहन
वित्त मंत्री ने बताया कि यह मॉड्यूल केंद्र सरकार के वित्तीय सुधार कार्यक्रमों के तहत विकसित किया गया है। अगर यह सिस्टम सफलतापूर्वक लागू होता है तो पंजाब सरकार को केंद्र से करीब 50 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन भी मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य में वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की डिजिटल ट्रैकिंग को मजबूत करेगी। इससे मंजूरी से लेकर भुगतान तक हर प्रक्रिया की निगरानी आसान हो जाएगी।
विशेषज्ञों ने भी दी जानकारी
इस कार्यक्रम में विश्व बैंक की टीम और नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। उन्होंने ई-सैंक्शन मॉड्यूल की कार्यप्रणाली और इसके तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सरकार का मानना है कि यह नई व्यवस्था पंजाब में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी
