MP: महाकुंभ भगदड़ में मृतकों के परिवार को मिलेगा मुआवजा, CM मोहन यादव ने किया ऐलान
MP News: संगमनगरी प्रयागराज में हुई भगदड़ को लेकर मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान कर दिया है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) में चल रहे महाकुंभ 2025 (Mahakumbh 2025) में बुधवार तड़के मौनी अमावस्या के दिन संगम तट भगदड़ मच गई। भगदड़ में देश के अलग-अलग राज्यों के जान गवाने वाले करीब 30 श्रद्धालुओं में से एमपी के भी 4 श्रद्धालुओं की जान चली गई है। इस हृद्य विदारक घटना को लेकर सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) का बड़ा बयान सामने आया है। आपको बता दें कि सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने दुख व्यक्त करते हुए मां गंगा से दिवंगतों की पुण्य आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की करबद्ध प्रार्थना की। साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि, हादसे में जान गवाने वाले एमपी के परिजन को अतिरिक्त 2 लाख मुआवजा राशि दी जाएगी।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतिका हुकुमबाई लोधी के साथ साथ दूसरे मृतकों के परिजन को सीएम स्वेच्छानुदान से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर करने की घोषणा की है। जिला प्रशासन द्वारा भी नियमानुसार शोकाकुल परिवारों की हर संभव सहायता भी की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि यूपी सरकार से समन्वय कर पार्थिव देह को एम्बुलेंस से गृह ग्राम लाने की व्यवस्था की गई है।
जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर
सीएम डॉ. यादव (CM Dr. Yadav) ने अपने बयान में आगे कहा कि प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj Maha Kumbh) में मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं को दुर्घटनाग्रस्त होने पर उनकी तत्काल सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0755-2708055 एवं 0755-2708059 (वल्लभ भवन, सिचुएशन रूम, भोपाल) जारी किया गया है। जरूरतमंद व्यक्ति दिन में किसी भी समय इन नंबरों पर कॉल कर वांछित सहायता ले सकते हैं।
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भगदड़ में एमपी के 4 लोगों की मौत
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश से मौनी अमावस्या में अमृत स्नान को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं प्रयागराज पहुंचे थे। जहां भगदड़ में 4 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही, 3 लोग लापता भी हो गए हैं। मृतकों में ग्वालियर के टेकनपुर निवासी कामता पाल, इटारसी उमेश सराठे (48) और रायसेन के गैरतगंज के मोहनलाल अहिरवार (45) की मौत की पुष्टि परिजन ने की। वहीं छतरपुर की सुनवाहा गांव की रहने वाली हुकुम बाई लोधी परिवार के 15 लोगों के साथ महाकुंभ में स्नान करने पहुंची थीं। भगदड़ में उनकी मौत हो गई, जबकि बेटी दीपा (19) घायल हैं। बकस्वाहा के बुजुर्ग दपंती हरि साहू (58) और शकुंतला (55) एक दूसरे लोग गायब हैं। इधर, चित्रकूट के तरौहा के एक व्यस्त ने बहनोई चंद्रपाल कुशवाहा की मौत की जानकारी दी है।
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क्या है संगम नोज
संगम नोज पर ही यमुना, गंगा और सरस्वती का संगम होता है। इस स्थान को कुंभ स्नान के लिए सबसे पवित्र घाट माना जाता है। इस जगह का आकार नोज (नाक) की तरह है। यहां सबसे आगे तिकोने क्षेत्र में बने घाट पर लोग सबसे ज्यादा पहुंचते हैं। हर बार कुंभ में इस क्षेत्र में घाट का आकार बढ़ा दिया जाता है। इस बार यहां दो लाख लोगों के प्रतिघंटे स्नान की व्यवस्था की गई है।
जाानिए क्यों मची भगदड़
संगम नोज पर भगदड़ होने का सबसे बड़ा कारण ब्रह्म मुहूर्त में नहाने के लिए घाट पर श्रद्धालुओं ने रात में ही कब्जा जमा लिया था। हर कोई करना चाहता था त्रिवेणी में स्नान करना, भीड़ बढ़ती गई और फिर भगदड़ मच गई।
