Lakshchandi Mahayagya: परम प्रतापी गालव ऋषि की पावन धरती ग्वालियर में 14-21 अप्रैल तक होने जा रहे 1008 कुंडी लक्षचंडी महायज्ञ का शखंनाद हो चुका है। इसके लिए आज ग्वालियर के मेला ग्राउंड में विधि विधान से भूमि पूजन किया गया। इस पावन मौके पर निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री वैराग्यनंद जी महाराज समेत तमाम ऋषि और संत शामिल हुए। महामंडलेश्वर श्री हरिदास जी महाराज, महामंडलेश्वर श्री आनंद गिरी जी महाराज, महंत श्री बरुआ बाबा, मंत्री प्रद्युम्न तोमर भी इस खास मौके के गवाह बने।
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इसके साथ ही श्रीमद भागवत कथा के मुख्य यजमान कपिल कुमार, यज्ञ यजमान राहुल गर्ग, कार्यक्रम संयोजक मुकेश अग्रवाल, विधायक प्रीतम लोधी के साथ-साथ ग्वालियर-चंबल के तमाम बड़े बड़े संत-महापुरुष भी 1008 कुंडी लक्षचंडी यज्ञ के भूमि पूजन में शामिल हुए।
1008 कुंडी लक्षचंडी यज्ञ क्यों है ख़ास ?
आपको बता दें यज्ञों का ये महाकुंभ 14-21 अप्रैल तक चलेगा। लक्षचंडी यज्ञ को विश्व कल्याण, विश्व शांति, राष्ट्र उत्थान एवं सर्वसिद्धि हेतु एक दिव्य यज्ञ के रूप में संपन्न किया जाएगा, जिसमें 1008 कुंडों की स्थापना की जाएगी। इतना ही नहीं, इसमें 21 आचार्य एवं 11000 विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा 1 लाख दुर्गा सप्तशती के पाठ किये जाएंगे। 11 पवित्र नदियों, 10 महाविद्यायों, 5 महासागर, 2 देवी स्थान और मानसरोवर से जल लाया जाएगा। इस आयोजन में देवी मंत्रों से 11 करोड़ आहुतियां यज्ञ में दी जायेगी। पहली बार भारत भूमि पर यज्ञों के महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है।
