Jharkhand News: रांची, 26 जनवरी 2026। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। यह घोषणा गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय सरकार द्वारा की गई थी।
शिबू सोरेन: आदिवासी नेता और झारखंड आंदोलन का चेहरा
शिबू सोरेन झारखंड के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति रहे हैं। वह आदिवासी समुदाय के बड़े नेता माने जाते थे और लामबंद संघर्ष से झारखंड राज्य के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी पद संभाला और लंबे समय तक सांसद, राज्यसभा सांसद तथा केंद्रीय मंत्री भी रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संदेश और आभार
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान दिए जाने पर केंद्र सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का जीवन राजनीति से ऊपर था और उन्होंने सामाजिक न्याय, आदिवासी सम्मान, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के लिए काम किया। हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि उनके पिता झारखंड और देश की आदिवासी पहचान के प्रतीक बने रहेंगे।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस सम्मान को लेकर स्थानीय नेताओं और समर्थकों ने खुशी जताई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने शिबू सोरेन के लिए भारत रत्न की मांग भी जारी रखने का संकेत दिया है, क्योंकि वे अपने व्यापक योगदान के लिए और भी उच्च राष्ट्रीय सम्मान के हकदार हैं।
आदिवासी समाज और राष्ट्रीय पहचान
शिबू सोरेन को आदिवासी जनजाति का “दिशोम गुरु” कहा जाता था, यानी वह उन नेताओं में से थे जिन्होंने लंबे समय तक आदिवासी समुदाय के सामाजिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए आवाज उठाई। पद्म भूषण सम्मान से उनका यह संघर्ष और आदिवासी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलती है।
