Jharkhand News: झारखंड के हेमंत सोरेन ने चतरा जिले में सोमवार शाम हुए एयर एम्बुलेंस हादसे को बहुत दुखद बताया और कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर करीबी नजर रख रही है तथा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। यह विमान रांची से दिल्ली मरीज को लेकर उड़ान भरने के बाद झारखंड के सिमरिया क्षेत्र के जंगल में क्रैश हो गया, जिसमें सभी सात लोगों की मौत हो गई।
हादसे का विवरण और स्थिति की निगरानी
चतरा जिले के जंगल के पास यह एयर एम्बुलेंस विमान सोमवार शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरने के बाद लगभग 20–25 मिनट बाद रडार से गायब हो गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में मरीज, दो पायलट, एक डॉक्टर, एक नर्स और साथी परिजन सवार थे। सभी सात व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई।
सीएम सोरेन ने कहा कि खराब मौसम की वजह से यह दुर्घटना हुई लगती है, लेकिन असली कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। उन्होंने राज्य सरकार के अधिकारियों को स्थिति की निगरानी और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का समर्थन और परिवारों के साथ खड़ा होना
सोरेन ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने दुर्घटना में जीवन खोने वालों के परिजनों को संवेदना संदेश दिया। सरकार ने यह भी कहा कि उचित मुआवजा और सहायता पर विचार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। अधिकारी पूछताछ में यह भी पता लगाएंगे कि विमान को खराब मौसम में उड़ान भरने की अनुमति क्यों दी गई।
परेशानी और जांच प्रक्रियाएं
नजदीकी अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण और पोस्ट-मॉर्टम की प्रक्रिया जारी है और सभी शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है। दुर्घटना की जांच में मौसम की स्थिति, विमान के तकनीकी पहलू और विमान संचालक की जवाबदेही सब शामिल होंगे। विशेषज्ञ संगठन DGCA और AAIB ने भी जांच शुरू कर दी है।
दर्दनाक कहानियां और सामाजिक प्रभाव
हादसे के पीछे की व्यक्तिगत त्रासदियों ने भी लोगों को प्रभावित किया है। एक परिवार ने बताया कि वह मरीज का इलाज करवा पाने के लिए करीब 8 लाख रुपये का कर्ज ले चुका था, लेकिन विमान के क्रैश होने से सारी उम्मीदें टूट गईं। इससे कई परिवारों की स्थिति और भी कठिन हो गई है।
