Punjab News: हरपाल चीमा का दावा: पंजाब से भागकर हरियाणा जा रहे नशा तस्कर

पंजाब
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Punjab News: चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि राज्य में चल रही ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम के सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की सख्त कार्रवाई के कारण नशा तस्कर अब राज्य छोड़कर हरियाणा को अपना नया ठिकाना बना रहे हैं।

पंजाब में सख्ती और जनभागीदारी

चीमा ने बताया कि 2022 में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद नशे के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया। इसके तहत एक सब-कमेटी बनाई गई और जिला स्तर पर समन्वय बैठकें की गईं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में गांव सुरक्षा कमेटियों के 1.5 लाख से अधिक सदस्यों ने नशा विरोधी शपथ ली है। सरकार का दावा है कि यह मुहिम अब एक जन आंदोलन बन चुकी है।

अकाली-भाजपा शासन पर आरोप

हरपाल सिंह चीमा ने 2007 से 2017 के अकाली-भाजपा शासन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में पंजाब में हेरोइन और ‘चिट्टा’ जैसे नशे तेजी से फैले। उन्होंने कहा कि जनता ने उसी अनुभव के आधार पर सत्ता परिवर्तन किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब वैसा ही पैटर्न हरियाणा में दिखाई दे रहा है और वहां हालात चिंताजनक हैं।

नायब सैनी के दौरों पर सवाल

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बार-बार पंजाब दौरे पर भी चीमा ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या ये दौरे किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं? क्या भाजपा फिर से पंजाब में नशा नेटवर्क को खड़ा करना चाहती है?

सुनील संधू का मामला

चीमा ने हरियाणा पुलिस अधिकारी सुनील संधू का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में एंटी-ड्रग ऑपरेशन चलाया था। उनकी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

इसके बाद उन पर कार्रवाई होने से सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। चीमा ने कहा कि जो अधिकारी ईमानदारी से काम कर रहे हैं, उन्हें संरक्षण मिलना चाहिए, न कि सजा।

गुजरात में बड़ी बरामदगी का जिक्र

उन्होंने भाजपा शासित गुजरात में 3,000 किलो हेरोइन की बरामदगी का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़े जाना यह दर्शाता है कि नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर सक्रिय हैं।

अंत में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार नशा माफिया को दोबारा मजबूत नहीं होने देगी। ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान आगे भी जारी रहेगा और राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।